1. In an inclusive classroom, adaptations should be made in : (a) Learning goals (b) Teaching-learning strategies (c) Provisioning of support (d) Assessment (1) (a), (c), (d) (2) (b), (c), (d) (3) (a), (b), (c), (d) (4) (a), (b), (d) एक समावेशी कक्षा में अनुकूलन किसमें किया जाना चाहिए? (a) अधिगम के लक्ष्य में (b) शिक्षण-अधिगम की रणनीतियों में (c) सहायता के प्रावधान में (d) मूल्यांकन में (1) (a), (c), (d) (2) (b), (c), (d) (3) (a), (b), (c), (d) (4) (a), (b), (d) 2. Which of the following does not come under the category of sensory impairments? (1) dysgraphia (2) hard of hearing (3) partial loss of vision (4) colour blindness निम्नलिखित में से कौन-सी अक्षमता संवेदी बाधिता के अंतर्गत नहीं आती है? (1) लेखन वैकल्य (2) श्रवण में कठिनाई (3) दृष्टि की आंशिक हानि (4) रंग दृष्टिहीनता 3. According to Jean Piaget, cognitive development : (1) is dependent upon the development of language capabilities. (2) is the process of acquiring the ability to use cultural t...
CTET की तैयारी कैसे करें? सम्पूर्ण मार्गदर्शन (हिंदी में)
केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) उन अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा है, जो भविष्य में शिक्षक बनने का सपना देखते हैं। हर वर्ष लाखों छात्र इस परीक्षा में सम्मिलित होते हैं, लेकिन सफलता उन्हें ही मिलती है, जो सही रणनीति, नियमित अध्ययन और उचित मार्गदर्शन के साथ तैयारी करते हैं।
इस लेख में हम CTET की तैयारी से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातों को विस्तार से समझेंगे।
CTET परीक्षा क्या है?
CTET (Central Teacher Eligibility Test) का आयोजन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा किया जाता है। यह परीक्षा शिक्षक बनने की योग्यता को परखने के लिए आयोजित की जाती है।
पेपर-1 : कक्षा 1 से 5 के लिए
पेपर-2 : कक्षा 6 से 8 के लिए
CTET की तैयारी क्यों आवश्यक है?
CTET उत्तीर्ण करना केवल एक परीक्षा पास करना नहीं है, बल्कि यह शिक्षण क्षेत्र में प्रवेश का पहला चरण है। सरकारी एवं कई निजी विद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति के लिए CTET प्रमाणपत्र अनिवार्य माना जाता है।
CTET की तैयारी कैसे करें?
1. पाठ्यक्रम को अच्छी तरह समझें
CTET की तैयारी शुरू करने से पहले आधिकारिक पाठ्यक्रम को ध्यानपूर्वक पढ़ना अत्यंत आवश्यक है। जो विषय पाठ्यक्रम में दिए गए हैं, उन्हीं पर अधिक ध्यान दें।
2. पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र हल करें
पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र (PYQ) CTET की तैयारी की सबसे मजबूत आधारशिला होते हैं। इससे परीक्षा के पैटर्न और प्रश्नों के स्तर को समझने में सहायता मिलती है।
3. विषयवार रणनीति बनाएं
CDP (बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र) – अवधारणाओं को सरल भाषा में समझें
EVS / गणित / भाषा विषय – मूल अवधारणाओं के साथ अभ्यास पर जोर दें
4. नोट्स और रिवीजन
छोटे और संक्षिप्त नोट्स बनाएं ताकि अंतिम समय में शीघ्र पुनरावृत्ति (Revision) की जा सके।
5. नियमित अभ्यास और आत्ममूल्यांकन
मॉक टेस्ट और अभ्यास प्रश्नों के माध्यम से अपनी तैयारी का मूल्यांकन करते रहें।
CTET की तैयारी में सामान्य गलतियाँ
बिना योजना के पढ़ाई करना
अनावश्यक पुस्तकों का संग्रह करना
रिवीजन को नजरअंदाज करना
केवल रटने पर निर्भर रहना
इन गलतियों से बचकर ही सफलता संभव है।
ऑनलाइन मार्गदर्शन का महत्व
आज के समय में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म CTET की तैयारी को सरल और प्रभावी बनाते हैं। सही दिशा में बनाया गया वीडियो कंटेंट अवधारणाओं को जल्दी समझने में मदद करता है।
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निष्कर्ष
CTET की तैयारी धैर्य, अनुशासन और सही रणनीति की मांग करती है। यदि आप नियमित अध्ययन करते हैं, पाठ्यक्रम के अनुसार तैयारी करते हैं और निरंतर अभ्यास करते हैं, तो सफलता अवश्य मिलेगी।
याद रखें —
CTET कठिन नहीं है, कठिन बन जाती है गलत तैयारी से।
आप सभी अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ।
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