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ज्वार भाटा क्यों और कैसे आते हैं?

उच्च ज्वार (High Tide) हर 12 घंटे 25 मिनट के अंतराल पर आते हैं, और इसका मुख्य कारण चंद्रमा और पृथ्वी के बीच की गुरुत्वाकर्षण शक्ति और पृथ्वी के घूमने की गति है। इसे विस्तार से समझें:


1. **चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल**: चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी के महासागरों पर खिंचाव पैदा करता है, जिससे पृथ्वी के उस हिस्से पर पानी ऊपर की ओर उठता है, जहां चंद्रमा सीधे ऊपर होता है। इस कारण उस हिस्से पर उच्च ज्वार आता है।


2. **विपरीत दिशा में उच्च ज्वार**: चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल न केवल चंद्रमा के नीचे बल्कि पृथ्वी के विपरीत दिशा में भी उच्च ज्वार उत्पन्न करता है। यह इसलिए होता है क्योंकि चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी के उस हिस्से पर कम प्रभाव डालता है, जिससे वहां का पानी पृथ्वी से दूर खिंचता है।


3. **पृथ्वी का घूर्णन**: पृथ्वी अपनी धुरी पर 24 घंटे में एक बार घूमती है। लेकिन चूंकि चंद्रमा भी अपनी कक्षा में पृथ्वी के चारों ओर घूम रहा है, इसलिए पृथ्वी पर उच्च ज्वार के बीच का समय अंतराल 12 घंटे से थोड़ा अधिक होता है।


4. **12 घंटे 25 मिनट का समय अंतराल**: चंद्रमा अपनी कक्षा में भी आगे बढ़ता है, जिसके कारण पृथ्वी को उसी स्थिति में आने में थोड़ा अधिक समय लगता है। इस कारण, उच्च ज्वार के बीच का समय लगभग 12 घंटे 25 मिनट होता है।


इस प्रकार, पृथ्वी के अधिकांश तटीय क्षेत्रों में दिन में दो बार उच्च ज्वार आते हैं।

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