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CTET 2026, 8 Feb Paper- 2 CDP

  1. In an inclusive classroom, adaptations should be made in : (a) Learning goals (b) Teaching-learning strategies (c) Provisioning of support (d) Assessment (1) (a), (c), (d) (2) (b), (c), (d) (3) (a), (b), (c), (d) (4) (a), (b), (d) एक समावेशी कक्षा में अनुकूलन किसमें किया जाना चाहिए? (a) अधिगम के लक्ष्य में (b) शिक्षण-अधिगम की रणनीतियों में (c) सहायता के प्रावधान में (d) मूल्यांकन में (1) (a), (c), (d) (2) (b), (c), (d) (3) (a), (b), (c), (d) (4) (a), (b), (d) 2. Which of the following does not come under the category of sensory impairments? (1) dysgraphia (2) hard of hearing (3) partial loss of vision (4) colour blindness निम्नलिखित में से कौन-सी अक्षमता संवेदी बाधिता के अंतर्गत नहीं आती है? (1) लेखन वैकल्य (2) श्रवण में कठिनाई (3) दृष्टि की आंशिक हानि (4) रंग दृष्टिहीनता 3. According to Jean Piaget, cognitive development : (1) is dependent upon the development of language capabilities. (2) is the process of acquiring the ability to use cultural t...

Hindi Grammar short Notes/हिंदी व्याकरण के नोट्स:

1. हिंदी वर्णमाला:


स्वर: अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ, अं, अः

व्यंजन: क, ख, ग, घ, ङ, च, छ, ज, झ, ञ, ट, ठ, ड, ढ, ण, त, थ, द, ध, न, प, फ, ब, भ, म, य, र, ल, व, श, ष, स, ह

अयोगवाह: अनुस्वार (ं), अनुनासिक (ँ), विसर्ग (ः)


2. शब्द और उसके प्रकार:


नाम (संज्ञा): व्यक्ति, वस्तु, स्थान, गुण आदि के नाम।

सर्वनाम: संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होने वाले शब्द (जैसे, वह, यह, मैं, तुम)।

विशेषण: जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं (जैसे, लाल, बड़ा)।

क्रिया: जो कार्य या अवस्था को दर्शाते हैं (जैसे, खाना, सोना)।

क्रियाविशेषण: क्रिया की विशेषता बताने वाले शब्द (जैसे, जल्दी, धीरे)।

संबंधबोधक (संबंध सूचक शब्द): जो किसी संबंध को दर्शाते हैं (जैसे, का, के, की)।

संज्ञा के भेद:

व्यक्तिवाचक संज्ञा: किसी व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम (जैसे, राम, दिल्ली)।

जातिवाचक संज्ञा: एक ही जाति के समूह का बोध करने वाले शब्द (जैसे, लड़का, पुस्तक)।

भाववाचक संज्ञा: गुण, अवस्था या भाव का बोध कराने वाले शब्द (जैसे, अच्छाई, बुढ़ापा)।


3. वाक्य:


वाक्य के भेद:

विधि वाचक वाक्य: जिन वाक्यों से किसी कार्य की आज्ञा या निवेदन हो (जैसे, कृपया दरवाजा बंद कर दो)।

प्रश्न वाचक वाक्य: जिन वाक्यों में प्रश्न पूछा जाता है (जैसे, क्या आप कल आएंगे?)।

आज्ञार्थक वाक्य: जिन वाक्यों से किसी कार्य को करने का आदेश दिया जाए (जैसे, दरवाजा खोलो)।

विनयार्थक वाक्य: जिन वाक्यों से निवेदन किया जाता है (जैसे, कृपया मेरी सहायता करें)।

आश्चर्य सूचक वाक्य: जिन वाक्यों में आश्चर्य व्यक्त किया जाता है (जैसे, वाह! क्या सुंदर चित्र है)।


4. लिंग:


पुल्लिंग: पुरुष जाति का बोध कराने वाले शब्द (जैसे, लड़का, राजा)।

स्त्रीलिंग: स्त्री जाति का बोध कराने वाले शब्द (जैसे, लड़की, रानी)।


5. वचन:


एकवचन: जब संज्ञा का रूप एक होता है (जैसे, बच्चा, पेड़)।

बहुवचन: जब संज्ञा का रूप अनेक होता है (जैसे, बच्चे, पेड़)।


6. काल:


भूतकाल: जो समय बीत चुका है (जैसे, वह स्कूल गया था)।

वर्तमानकाल: जो समय चल रहा है (जैसे, वह स्कूल जा रहा है)।

भविष्यकाल: जो समय आने वाला है (जैसे, वह स्कूल जाएगा)।


7. संधि:


स्वर संधि: दो स्वरों के मिलने से बनने वाला नया स्वर (जैसे, विद्या + आलय = विद्यालय)।

व्यंजन संधि: व्यंजन और स्वर के मिलन से बनने वाला नया स्वर या व्यंजन (जैसे, जगत् + ईश = जगदीश)।

विसर्ग संधि: विसर्ग (:) के बाद आने वाले स्वर या व्यंजन के साथ संधि (जैसे, दुखः + दायी = दुःखदायी)।


8. समास:


तत्पुरुष समास: जहां पहला पद दूसरा पद का विशेषण हो (जैसे, राजा + पुत्र = राजपुत्र)।

कर्मधारय समास: विशेषण और विशेष्य का मेल (जैसे, लाल + गुलाब = लालगुलाब)।

द्वंद्व समास: दोनों पदों का समान महत्त्व (जैसे, राम + लक्ष्मण = रामलक्ष्मण)।

बहुव्रीहि समास: जो किसी तीसरे अर्थ का बोध कराता हो (जैसे, त्रिलोकी = तीनों लोक)।

अव्ययीभाव समास: अव्यय पद का विशेषण रूप (जैसे, यथाशक्ति = शक्ति के अनुसार)।


9. उपसर्ग और प्रत्यय:


उपसर्ग: शब्दों के पहले लगने वाले ऐसे शब्दांश जो उनके अर्थ में विशेषता ला देते हैं (जैसे, प्र, परि, उप)।

प्रत्यय: शब्दों के बाद जुड़ने वाले ऐसे शब्दांश जो उनके अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं (जैसे, इय, आई, वान)।


10. अलंकार:


शब्दालंकार: शब्दों के सुंदर संयोजन से बनने वाले अलंकार (जैसे, अनुप्रास)।

अर्थालंकार: अर्थ की सुंदरता से बनने वाले अलंकार (जैसे, उपमा, रूपक)।


यह नोट्स हिंदी व्याकरण के मूलभूत विषयों का संक्षेपण हैं। विस्तृत अध्ययन के लिए प्रत्येक विषय को गहराई से पढ़ें।

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