Latest Study Materials and Test Series

CTET 2026, 8 Feb Paper- 2 CDP

  1. In an inclusive classroom, adaptations should be made in : (a) Learning goals (b) Teaching-learning strategies (c) Provisioning of support (d) Assessment (1) (a), (c), (d) (2) (b), (c), (d) (3) (a), (b), (c), (d) (4) (a), (b), (d) एक समावेशी कक्षा में अनुकूलन किसमें किया जाना चाहिए? (a) अधिगम के लक्ष्य में (b) शिक्षण-अधिगम की रणनीतियों में (c) सहायता के प्रावधान में (d) मूल्यांकन में (1) (a), (c), (d) (2) (b), (c), (d) (3) (a), (b), (c), (d) (4) (a), (b), (d) 2. Which of the following does not come under the category of sensory impairments? (1) dysgraphia (2) hard of hearing (3) partial loss of vision (4) colour blindness निम्नलिखित में से कौन-सी अक्षमता संवेदी बाधिता के अंतर्गत नहीं आती है? (1) लेखन वैकल्य (2) श्रवण में कठिनाई (3) दृष्टि की आंशिक हानि (4) रंग दृष्टिहीनता 3. According to Jean Piaget, cognitive development : (1) is dependent upon the development of language capabilities. (2) is the process of acquiring the ability to use cultural t...

कक्षा 12 की NCERT हिंदी (व Flamingo) पुस्तक के पाठ 1 - “साक्षात्कार” का Notes

 कक्षा 12 की NCERT हिंदी (व Flamingo) पुस्तक के पाठ 1 - “साक्षात्कार” का नोट्स नीचे दिया गया है:


पाठ 1: साक्षात्कार


लेखक: वागीश शुक्ल


पाठ का सारांश:

“साक्षात्कार” लेख में लेखक वागीश शुक्ल ने साक्षात्कार की महत्ता और इसके प्रभाव पर विचार किया है। लेख में, साक्षात्कार को एक अवसर के रूप में देखा गया है, जो न केवल किसी व्यक्ति की योग्यताओं का मूल्यांकन करता है बल्कि उसकी मानसिकता और दृष्टिकोण को भी परखता है। लेखक ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए यह बताया कि किस प्रकार से साक्षात्कार में सफलता पाने के लिए आत्मविश्वास, तैयारी और सही दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है।


लेखक ने इस लेख में यह भी बताया है कि साक्षात्कार का परिणाम केवल योग्यता के आधार पर नहीं होता, बल्कि यह भी निर्भर करता है कि आप कितना आत्मविश्वास से भरे हुए हैं और परिस्थिति को किस प्रकार से संभालते हैं। वागीश शुक्ल ने यह समझाया कि साक्षात्कार एक प्रकार का जीवन का परीक्षण भी होता है, जहाँ आपके व्यक्तित्व, विचार और दृष्टिकोण का मूल्यांकन किया जाता है।


काव्य और भाषिक विश्लेषण:

1. शब्द चयन:

लेखक ने साधारण और सहज शब्दों का उपयोग किया है ताकि सामान्य पाठक भी आसानी से समझ सके।

लेख का उद्देश्य पाठक को साक्षात्कार के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराना है, इसलिए भाषा को सरल रखा गया है।

2. प्रस्तुतिकरण:

यह लेख न केवल एक मार्गदर्शक के रूप में है, बल्कि यह साक्षात्कार से जुड़ी मानसिकता और तैयारियों को भी उजागर करता है।

लेखक ने साक्षात्कार को एक चुनौती के रूप में प्रस्तुत किया है, जिसमें व्यक्तित्व और योग्यता दोनों का परीक्षण होता है।


पाठ के मुख्य बिंदु:

1. साक्षात्कार का महत्व:

साक्षात्कार केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि यह आपकी मानसिक स्थिति, आत्मविश्वास, और दृष्टिकोण का परीक्षण भी है।

यह आपके अंदर छिपी क्षमताओं और गुणों को उजागर करने का एक अवसर होता है।

2. आत्मविश्वास की आवश्यकता:

सफलता के लिए आत्मविश्वास जरूरी है। बिना आत्मविश्वास के साक्षात्कार में सफलता प्राप्त करना मुश्किल होता है।

अपने आप पर विश्वास रखने से न केवल सफलता मिलती है, बल्कि साक्षात्कारकर्ता पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है।

3. साक्षात्कार के दौरान तैयारियों की महत्ता:

साक्षात्कार में शामिल होने से पहले तैयारी आवश्यक है। यह तैयारी न केवल आपके ज्ञान से संबंधित होती है, बल्कि आपकी मानसिकता और शारीरिक स्थिति पर भी निर्भर करती है।

तैयारी के दौरान यह सोचना चाहिए कि आप अपनी ताकत और कमजोरियों को सही तरीके से प्रस्तुत कर सकें।

4. साक्षात्कार में मानसिक संतुलन:

मानसिक संतुलन बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि साक्षात्कार के दौरान तनाव होना सामान्य बात है।

मानसिक शांति बनाए रखने से आप सही निर्णय ले सकते हैं और अपनी बात को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत कर सकते हैं।


काव्य-संवेदना और उद्देश्य:


लेखक ने साक्षात्कार को सिर्फ एक परीक्षा के रूप में नहीं प्रस्तुत किया है, बल्कि इसे एक अवसर के रूप में देखा है जहाँ एक व्यक्ति को अपनी पूरी क्षमता और क्षमता को दिखाने का मौका मिलता है। यह पाठ हमारे मानसिक दृष्टिकोण, तैयारी और आत्मविश्वास को मजबूत करने पर जोर देता है।


महत्वपूर्ण प्रश्न:

1. साक्षात्कार की प्रक्रिया के बारे में लेखक ने क्या विचार व्यक्त किए हैं?

लेखक ने साक्षात्कार को एक अवसर के रूप में प्रस्तुत किया है जो न केवल योग्यताओं का मूल्यांकन करता है, बल्कि आपकी मानसिकता और दृष्टिकोण का भी परीक्षण करता है।

2. आत्मविश्वास साक्षात्कार में क्यों जरूरी है?

आत्मविश्वास साक्षात्कार में सफलता के लिए जरूरी है क्योंकि यह आपके विचारों और व्यक्तित्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में मदद करता है। आत्मविश्वास से आप साक्षात्कारकर्ता पर अच्छा प्रभाव डाल सकते हैं।

3. साक्षात्कार की तैयारी का महत्व क्या है?

साक्षात्कार की तैयारी न केवल आपके ज्ञान को परखती है, बल्कि यह आपकी मानसिक स्थिति और शारीरिक स्थिति को भी प्रभावित करती है। तैयारी के बिना साक्षात्कार में सफलता प्राप्त करना कठिन हो सकता है।

4. लेखक के अनुसार साक्षात्कार को किस प्रकार के अवसर के रूप में देखा जा सकता है?

लेखक के अनुसार, साक्षात्कार एक ऐसा अवसर है जो आपके व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और तैयारी को परखने का माध्यम बनता है।


निष्कर्ष:


“साक्षात्कार” लेख एक महत्वपूर्ण पाठ है जो छात्रों और युवाओं के लिए साक्षात्कार के दौरान सफलता पाने के लिए आत्मविश्वास, तैयारी और मानसिक संतुलन पर जोर देता है। यह लेख जीवन के एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में साक्षात्कार को देखने की दृष्टि देता है, जिससे सफलता की ओर मार्गदर्शन मिलता है।


अगर आपको और जानकारी चाहिए, तो बताइए!


टिप्पणियाँ