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CTET 2026, 8 Feb Paper- 2 CDP

  1. In an inclusive classroom, adaptations should be made in : (a) Learning goals (b) Teaching-learning strategies (c) Provisioning of support (d) Assessment (1) (a), (c), (d) (2) (b), (c), (d) (3) (a), (b), (c), (d) (4) (a), (b), (d) एक समावेशी कक्षा में अनुकूलन किसमें किया जाना चाहिए? (a) अधिगम के लक्ष्य में (b) शिक्षण-अधिगम की रणनीतियों में (c) सहायता के प्रावधान में (d) मूल्यांकन में (1) (a), (c), (d) (2) (b), (c), (d) (3) (a), (b), (c), (d) (4) (a), (b), (d) 2. Which of the following does not come under the category of sensory impairments? (1) dysgraphia (2) hard of hearing (3) partial loss of vision (4) colour blindness निम्नलिखित में से कौन-सी अक्षमता संवेदी बाधिता के अंतर्गत नहीं आती है? (1) लेखन वैकल्य (2) श्रवण में कठिनाई (3) दृष्टि की आंशिक हानि (4) रंग दृष्टिहीनता 3. According to Jean Piaget, cognitive development : (1) is dependent upon the development of language capabilities. (2) is the process of acquiring the ability to use cultural t...

NCERT Class 12 Hindi: Lesson 5 - “कवि और कविता” (Kavi Aur Kavita) - Notes

 NCERT Class 12 Hindi: Lesson 5 - “कवि और कविता” (Kavi Aur Kavita) - Notes


यह पाठ प्रसिद्ध कवि प्रेमचंद द्वारा लिखा गया है, जिसमें उन्होंने कवि और कविता के संबंध में अपनी दृष्टि प्रस्तुत की है। यह निबंध कवि के काव्य जीवन, उसकी चिंताएँ और कविता के उद्देश्यों पर आधारित है। प्रेमचंद ने कविता को जीवन के संघर्ष, आदर्श और समाज की सच्चाइयों का परिचायक बताया है।


मुख्य बिंदु:

1. कवि का उद्देश्य:

प्रेमचंद के अनुसार, कवि का मुख्य उद्देश्य समाज की सच्चाई को उजागर करना होता है। कवि केवल कल्पना और सुंदरता के लिए नहीं लिखता, बल्कि उसका उद्देश्य समाज के भीतर छुपी असंतोष, पीड़ा, और संघर्ष को शब्दों में व्यक्त करना होता है।

कविता समाज के सजीव चित्र के रूप में प्रस्तुत होती है, और वह समाज के सुधार का एक प्रभावी माध्यम बन सकती है।

2. कविता का समाजिक महत्व:

कवि के लिए कविता का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं होता, बल्कि यह समाज में जागरूकता और परिवर्तन लाने का एक ज़रिया होता है। कविता समाज के दोषों, अन्याय और असमानताओं को उजागर करती है, जिससे समाज में सुधार की संभावना होती है।

कविता के माध्यम से कवि अपने समय के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रकाश डालता है।

3. कविता और संवेदनशीलता:

प्रेमचंद ने कविता को संवेदनशीलता का रूप माना है। कवि की संवेदनशीलता उसे समाज के छोटे-बड़े मुद्दों को महसूस करने और उसे अपनी रचनाओं में प्रस्तुत करने में मदद करती है।

संवेदनशीलता के साथ कविता लिखने से वह न केवल पाठक को प्रभावित करती है, बल्कि उसे अपने आसपास के वातावरण के प्रति जागरूक भी करती है।

4. कविता का सौंदर्य:

प्रेमचंद के अनुसार, कविता का सौंदर्य केवल उसकी शब्दावली और लय में नहीं होता, बल्कि उसकी गहराई और संदेश में होता है। कविता का वास्तविक सौंदर्य उसके भीतर छुपे विचारों और भावनाओं में है, जो उसे हर पाठक के दिल में गहरी छाप छोड़ने में सक्षम बनाता है।

कविता का सौंदर्य तब अधिक प्रकट होता है जब वह समाज के लिए एक दर्पण का काम करती है और पाठक को जीवन के वास्तविक स्वरूप को समझाती है।

5. कवि की जिम्मेदारी:

प्रेमचंद के अनुसार, कवि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी समाज के लिए कुछ रचनात्मक और उपयोगी करना है। कवि को अपनी रचनाओं में समाज के सभी वर्गों की स्थिति, उनके दुख-दर्द और संघर्षों को सही तरीके से चित्रित करना चाहिए।

कवि को अपनी लेखनी से न केवल समाज को जागरूक करना चाहिए, बल्कि उसे बेहतर बनाने के लिए प्रेरित भी करना चाहिए।


सारांश:


“कवि और कविता” पाठ में प्रेमचंद ने कवि के कार्य और कविता के उद्देश्यों पर विचार किया है। उनका मानना है कि कविता का मुख्य उद्देश्य केवल सुंदरता और कल्पना नहीं, बल्कि समाज की सच्चाई और संघर्षों को उजागर करना है। कविता समाज में बदलाव लाने का एक प्रभावी साधन होती है, जो पाठकों को जागरूक और प्रेरित करती है। कवि की जिम्मेदारी समाज के प्रति अपनी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को समझते हुए सही दिशा में लेखनी चलाने की होती है।


कविता, कहानी या निबंधों में उपयोगी बिंदु:

कविता का वास्तविक सौंदर्य उसके विचार और संदेश में होता है।

कवि का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज के सुधार की दिशा में काम करना होना चाहिए।

कविता समाज को जागरूक करने और बदलाव लाने का एक शक्तिशाली साधन है।

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