Latest Study Materials and Test Series

CTET 2026, 8 Feb Paper- 2 CDP

  1. In an inclusive classroom, adaptations should be made in : (a) Learning goals (b) Teaching-learning strategies (c) Provisioning of support (d) Assessment (1) (a), (c), (d) (2) (b), (c), (d) (3) (a), (b), (c), (d) (4) (a), (b), (d) एक समावेशी कक्षा में अनुकूलन किसमें किया जाना चाहिए? (a) अधिगम के लक्ष्य में (b) शिक्षण-अधिगम की रणनीतियों में (c) सहायता के प्रावधान में (d) मूल्यांकन में (1) (a), (c), (d) (2) (b), (c), (d) (3) (a), (b), (c), (d) (4) (a), (b), (d) 2. Which of the following does not come under the category of sensory impairments? (1) dysgraphia (2) hard of hearing (3) partial loss of vision (4) colour blindness निम्नलिखित में से कौन-सी अक्षमता संवेदी बाधिता के अंतर्गत नहीं आती है? (1) लेखन वैकल्य (2) श्रवण में कठिनाई (3) दृष्टि की आंशिक हानि (4) रंग दृष्टिहीनता 3. According to Jean Piaget, cognitive development : (1) is dependent upon the development of language capabilities. (2) is the process of acquiring the ability to use cultural t...

अभिप्रेरणा के सिद्धांत: Notes

 अभिप्रेरणा के सिद्धांत: सफलता की ओर पहला कदम


अभिप्रेरणा (Motivation) वह शक्ति है जो किसी भी व्यक्ति को अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए प्रेरित करती है। यह वह मानसिक ऊर्जा है, जो हमें हमारी सीमाओं को पार करने और असंभव को संभव बनाने का साहस देती है। मनोविज्ञान में, अभिप्रेरणा को समझाने के लिए विभिन्न सिद्धांत विकसित किए गए हैं। आइए इन्हें सरल और प्रभावी रूप से समझने का प्रयास करें।


1. मस्लो का आवश्यकताओं का पदानुक्रम सिद्धांत (Maslow’s Hierarchy of Needs)


अब्राहम मस्लो ने मानव आवश्यकताओं को पाँच स्तरों में विभाजित किया:

आवश्यक आवश्यकताएँ (Physiological Needs): जैसे भोजन, पानी, और नींद।

सुरक्षा (Safety Needs): जैसे सुरक्षा, स्थिरता।

समाज की भावना (Love and Belonging): जैसे संबंध, मित्रता।

आत्मसम्मान (Esteem): जैसे पहचान, सम्मान।

आत्मसिद्धि (Self-actualization): जैसे अपने सपनों को पूरा करना।


मस्लो का मानना है कि जब एक स्तर की आवश्यकता पूरी हो जाती है, तो व्यक्ति अगले स्तर की ओर बढ़ता है। यही प्रक्रिया व्यक्ति को प्रेरित करती है।


2. सुदृढ़ीकरण सिद्धांत (Reinforcement Theory)


यह सिद्धांत कहता है कि हमारे कार्य हमारे अनुभव पर आधारित होते हैं। अगर किसी काम के लिए हमें सकारात्मक परिणाम मिलता है, तो हम उस काम को बार-बार करने के लिए प्रेरित होते हैं। उदाहरण के लिए, जब किसी कर्मचारी को उसकी मेहनत के लिए प्रशंसा मिलती है, तो वह और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित होता है।


3. लक्ष्य-निर्धारण सिद्धांत (Goal-setting Theory)


यह सिद्धांत कहता है कि स्पष्ट और चुनौतीपूर्ण लक्ष्य व्यक्ति को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं। जब कोई व्यक्ति अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करता है, तो उसकी प्रेरणा शक्ति बढ़ती है।


4. आतंरिक और बाह्य अभिप्रेरणा (Intrinsic and Extrinsic Motivation)

आतंरिक अभिप्रेरणा: यह व्यक्ति के भीतर से उत्पन्न होती है, जैसे सीखने का जुनून या कुछ नया करने की इच्छा।

बाह्य अभिप्रेरणा: यह बाहरी पुरस्कारों पर आधारित होती है, जैसे पैसा, प्रमोशन, या सराहना।


हालांकि, दीर्घकालिक सफलता के लिए आतंरिक अभिप्रेरणा अधिक प्रभावी मानी जाती है।


5. स्व-नियंत्रण सिद्धांत (Self-determination Theory)


यह सिद्धांत कहता है कि व्यक्ति तब सबसे ज्यादा प्रेरित होता है, जब उसे स्वतंत्रता, दक्षता और जुड़ाव का अनुभव होता है। जब किसी व्यक्ति को यह महसूस होता है कि उसके काम का अर्थ है और वह समाज में कुछ योगदान दे सकता है, तो उसकी प्रेरणा दोगुनी हो जाती है।


अभिप्रेरणा को बढ़ाने के तरीके

1. अपने लक्ष्य को स्पष्ट और यथार्थवादी बनाएं।

2. बड़े लक्ष्य को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटें।

3. सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास को बनाए रखें।

4. अपनी प्रगति का समय-समय पर मूल्यांकन करें।

5. असफलताओं को सीखने का अवसर मानें।


निष्कर्ष


अभिप्रेरणा किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने का मूलभूत सिद्धांत है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जो न केवल हमें हमारी सीमाओं से परे ले जाती है, बल्कि हमारी आत्मा को भी मजबूत बनाती है। चाहे आप छात्र हों, कर्मचारी हों या उद्यमी, सही अभिप्रेरणा के साथ आप असंभव को भी संभव बना सकते हैं।


“सपनों को सच करने के लिए अभिप्रेरणा वह चिंगारी है, जो हमें कदम उठाने के लिए मजबूर करती है।”


इस लेख को अपने जीवन में लागू करें और अपने अनुभव साझा करें। याद रखें, सफलता के रास्ते में सबसे बड़ा साथी आपकी खुद की प्रेरणा है।

टिप्पणियाँ