Latest Study Materials and Test Series

CTET 2026, 8 Feb Paper- 2 CDP

  1. In an inclusive classroom, adaptations should be made in : (a) Learning goals (b) Teaching-learning strategies (c) Provisioning of support (d) Assessment (1) (a), (c), (d) (2) (b), (c), (d) (3) (a), (b), (c), (d) (4) (a), (b), (d) एक समावेशी कक्षा में अनुकूलन किसमें किया जाना चाहिए? (a) अधिगम के लक्ष्य में (b) शिक्षण-अधिगम की रणनीतियों में (c) सहायता के प्रावधान में (d) मूल्यांकन में (1) (a), (c), (d) (2) (b), (c), (d) (3) (a), (b), (c), (d) (4) (a), (b), (d) 2. Which of the following does not come under the category of sensory impairments? (1) dysgraphia (2) hard of hearing (3) partial loss of vision (4) colour blindness निम्नलिखित में से कौन-सी अक्षमता संवेदी बाधिता के अंतर्गत नहीं आती है? (1) लेखन वैकल्य (2) श्रवण में कठिनाई (3) दृष्टि की आंशिक हानि (4) रंग दृष्टिहीनता 3. According to Jean Piaget, cognitive development : (1) is dependent upon the development of language capabilities. (2) is the process of acquiring the ability to use cultural t...

परावर्तन और अपवर्तन के बीच अंतर

 प्रकाश का परावर्तन और अपवर्तन: एक विस्तृत अध्ययन


परिचय


प्रकाश विज्ञान (भौतिकी) का एक महत्वपूर्ण विषय है, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे NEET, JEE, UPSC, SSC, रेलवे आदि) में पूछा जाता है। इसमें विशेष रूप से प्रकाश का परावर्तन (Reflection) और अपवर्तन (Refraction) महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह विषय न केवल परीक्षाओं के लिए आवश्यक है बल्कि दैनिक जीवन में भी अत्यंत उपयोगी है।


1. प्रकाश का परावर्तन (Reflection of Light)


जब प्रकाश की किरणें किसी सतह से टकराकर उसी माध्यम में वापस लौट जाती हैं, तो इस घटना को परावर्तन कहते हैं।


परावर्तन के नियम (Laws of Reflection)

1. आपतित किरण (Incident Ray), परावर्तित किरण (Reflected Ray) और अभिलंब (Normal) एक ही तल में होते हैं।

2. आपतन कोण (Angle of Incidence) और परावर्तन कोण (Angle of Reflection) हमेशा समान होते हैं।


परावर्तन के प्रकार

1. नियमित परावर्तन (Regular Reflection): यह तब होता है जब प्रकाश समतल सतह (जैसे दर्पण) से टकराता है और समान कोण पर परावर्तित होता है।

2. अनियमित परावर्तन (Irregular Reflection): यह किसी असमतल सतह से होने वाला परावर्तन है, जिसमें प्रकाश की किरणें अलग-अलग दिशाओं में बिखर जाती हैं।


2. प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of Light)


जब प्रकाश की किरणें एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती हैं और उनकी दिशा बदल जाती है, तो इसे प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं।


अपवर्तन के नियम (Laws of Refraction)

1. आपतित किरण, अपवर्तित किरण और अभिलंब एक ही तल में होते हैं।

2. स्नेल का नियम (Snell’s Law) कहता है कि -


जहाँ,

 = आपतन कोण

 = अपवर्तन कोण


अपवर्तन के उदाहरण

1. पानी में रखी हुई छड़ी टेढ़ी दिखाई देना।

2. जल में सिक्का ऊपर उठा हुआ प्रतीत होना।

3. लेंस में प्रकाश का मुड़ना, जिससे चश्मे का काम संभव होता है।


3. परावर्तन और अपवर्तन के बीच अंतर

परावर्तन और अपवर्तन के बीच अंतर



4. प्रतियोगी परीक्षाओं में संभावित प्रश्न

1. प्रकाश के परावर्तन के नियम कौन-कौन से हैं?

2. अपवर्तन सूचकांक (Refractive Index) किसे कहते हैं?

3. जल में रखी छड़ी मुड़ी हुई क्यों दिखाई देती है?

4. परावर्तन और अपवर्तन में मुख्य अंतर क्या है?

5. स्नेल का नियम क्या है?


निष्कर्ष


प्रकाश का परावर्तन और अपवर्तन दोनों ही विज्ञान के महत्वपूर्ण सिद्धांत हैं। परावर्तन हमें दर्पण, ऑप्टिकल फाइबर और टेलीस्कोप जैसी तकनीकों में मदद करता है, जबकि अपवर्तन चश्मे, माइक्रोस्कोप, और दूरबीन जैसे उपकरणों के लिए आवश्यक है। प्रतियोगी परीक्षाओं में इस विषय से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, इसलिए इसे अच्छी तरह से समझना आवश्यक है।


आशा है कि यह लेख आपकी परीक्षा की तैयारी में सहायक सिद्ध होगा।

टिप्पणियाँ