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UP D.El.Ed Second Semester English Previous years Question with Answer

  यह द्वितीय सेमेस्टर - 2025 के सप्तम् प्रश्न-पत्र (अंग्रेजी) के प्रश्नों के उत्तर हैं: Objective Questions • Q1) The total number of sounds in English language are: 4) 44    • Q2) The two receptive skills are: 4) Listening and reading    • Q3) Who invented 'Bilingual Method'? 3) C.J. Dodson    • Q4) Which one of the following is not an example of imperative sentence: 4) I am going to market.    • Q5) Which word used in definite article: 3) The    Very Short Answer Questions • Q6) Point out the Noun: Sword and Steel    • Q7) Correct pronoun: The book is mine .    • Q8) Suitable article: I have a one rupee note. (क्योंकि 'one' का उच्चारण 'w' यानी व्यंजन ध्वनि से शुरू होता है)    • Q9) Point out the adjective: Foolish    • Q10) Complete the sentence: He is too slow to win the race.    • Q11) Passive voice: Invitation cards were being made by them.  ...

बिहार STET हिंदी व्याकरण - पूर्ण नोट्स 2025 | Hindi Grammar Complete Guide

बिहार STET परीक्षा हेतु हिंदी व्याकरण: एक अनूठा एवं मूल्यवान संग्रह

(Hindi Grammar for Bihar STET: A Unique and Valuable Compilation)

📚 विषय-सूची (Index)

पृष्ठ विषय विशेष आकर्षण
1 वर्ण विचार वर्ण-विभाजन की नयी स्मृति सहायक
2 शब्द विचार एवं हिंदी वर्तनी STET में पूछे जाने वाले सामान्य वर्तनी-भ्रम
3 संज्ञा एवं संज्ञा के विकारक जातिवाचक vs. समूहवाचक संज्ञा का सरल अंतर
4 सर्वनाम पुरुषवाचक सर्वनाम का अनूठा चार्ट
5 विशेषण विशेषण-भेदों की तुलना
6 क्रिया अकर्मक vs. सकर्मक क्रिया पहचानने की शॉर्ट-ट्रिक
7 काल काल-पहचान के लिए की-वर्ड
8 वाच्य कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य बनाने की आसान विधि
9 अव्यय संबंधबोधक अव्ययों की सूची एवं प्रयोग
10 विराम चिह्न विराम चिह्नों के प्रयोग के STET-स्तरीय प्रश्न
11 समास समास-विग्रह की अनूठी तकनीक
12 उपसर्ग एवं प्रत्यय शब्द-निर्माण में इनकी भूमिका
13 वाक्य संशोधन STET में आने वाली 20 सबसे सामान्य अशुद्धियाँ
14 मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ High-Yield मुहावरे और उनके अर्थ
15 पर्यायवाची एवं विलोम शब्द अक्सर पूछे जाने वाले कठिन शब्द

📖 पृष्ठ 1: वर्ण विचार

1. वर्ण की परिभाषा

वर्ण: भाषा की सबसे छोटी इकाई। जैसे - अ, आ, क, ख, ग, घ, च, आदि।

2. वर्णों के भेद

स्मृति सहायक (Mnemonic): "स्वर उड गए, व्यंजन रह गए।"
भेद परिभाषा उदाहरण
स्वर जिन वर्णों का उच्चारण बिना किसी अन्य वर्ण की सहायता से होता है अ, आ, इ, उ, ऋ
व्यंजन जिन वर्णों का उच्चारण स्वरों की सहायता से होता है क, ख, ग, घ, ङ
🎯 STET Perspective:
• 'ऋ' को अक्सर स्वर माना जाता है - यह महत्वपूर्ण तथ्य है
• अन्तःस्थ और ऊष्म व्यंजनों की पहचान करने वाले प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं

📖 पृष्ठ 2: शब्द विचार एवं हिंदी वर्तनी

1. शब्द की परिभाषा

शब्द: वर्णों के सार्थक समूह को शब्द कहते हैं।

2. STET में पूछे जाने वाले सामान्य वर्तनी-भ्रम

गलत वर्तनी सही वर्तनी टिप्पणी
विद्यार्थी विद्यार्थी 'य' के बाद 'आ' आता है
श्रद्धा श्रद्धा इसमें दो 'द' और दो 'ध' होते हैं
उज्ज्वल उज्ज्वल 'ज' के बाद 'व' और कोई स्वर नहीं
कृप्या कृपया अंत में 'या' होता है, 'आ' नहीं
सम्बन्ध संबंध शुद्ध हिंदी में 'म' का प्रयोग ('ब' के पहले)
बचत बचत 'च' के बाद सीधा स्वर, कोई अन्य व्यंजन नहीं

3. शब्द-रचना के प्रकार

प्रकार परिभाषा उदाहरण
रूढ़ जिनके खंडों का कोई अर्थ नहीं घर, पानी, आकाश
यौगिक जिनके सभी खंडों का अर्थ हो विद्यालय = विद्या + आलय
योगरूढ़ यौगिक हैं लेकिन एक विशेष अर्थ में प्रसिद्ध जलज = कमल (न कि पानी में पैदा होने वाला कोई भी)
🎯 STET Perspective:
• वर्तनी संबंधी प्रश्नों में ये सामान्य गलतियाँ अक्सर पूछी जाती हैं
• रूढ़, यौगिक और योगरूढ़ शब्दों में अंतर पूछने वाले प्रश्न महत्वपूर्ण हैं
• 'सम्बन्ध' की जगह 'संबंध' लिखना - यह शुद्धिकरण का महत्वपूर्ण बिंदु है

📖 पृष्ठ 3: संज्ञा एवं संज्ञा के विकारक

1. संज्ञा की परिभाषा

संज्ञा: किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं।

2. संज्ञा के भेद

भेद परिभाषा उदाहरण
व्यक्तिवाचक संज्ञा विशिष्ट नाम गंगा, बिहार, राम
जातिवाचक संज्ञा सम्पूर्ण जाति का बोध नदी, राज्य, लड़का
भाववाचक संज्ञा गुण, दोष, अवस्था आदि का बोध बुढ़ापा, सुन्दरता, बचपन
समूहवाचक संज्ञा समूह का बोध सभा, सेना, झुंड
द्रव्यवाचक संज्ञा पदार्थ का बोध दूध, सोना, घी

3. विकारक चिह्न (Case Markers)

ये परसर्ग होते हैं जो संज्ञा के साथ जुड़कर उसका कारक निर्धारित करते हैं।

विकारक चिह्न कारक उदाहरण
ने कर्ता कारक राम ने पुस्तक पढ़ी
को कर्म कारक राम ने सीता को बुलाया
से करण कारक वह कलम से लिखता है
के लिए सम्प्रदान कारक यह पुस्तक बच्चों के लिए है
का/की/के सम्बन्ध कारक यह राम की पुस्तक है
में/पर अधिकरण कारक किताब मेज पर रखी है

4. महत्वपूर्ण टिप्स

🎯 STET Perspective:
जातिवाचक vs. समूहवाचक में अंतर समझें। 'कक्षा' समूहवाचक है, जबकि 'शिक्षक' जातिवाचक
• वाक्य में 'ने' चिह्न का प्रयोग सदैव भूतकाल में सकर्मक क्रिया के साथ होता है। (राम ने पुस्तक पढ़ी)
भाववाचक संज्ञा की पहचान - ये प्रायः 'पन', 'ता', 'आव' आदि प्रत्ययों से बनती हैं
💡 स्मरण तकनीक:
व्यक्तिवाचक = विशेष नाम (व्यक्ति विशेष)
जातिवाचक = पूरी जाति (जैसे सभी नदियाँ)
समूहवाचक = एक समूह (अनेक लेकिन एक इकाई)

📖 पृष्ठ 4: सर्वनाम

1. सर्वनाम की परिभाषा

सर्वनाम: संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द।

2. पुरुषवाचक सर्वनाम का अनूठा चार्ट

पुरुष (Person) एकवचन बहुवचन उद्देश्य (Purpose)
उत्तम पुरुष
(I Person)
मैं हम बोलने वाला स्वयं
मध्यम पुरुष
(II Person)
तू, आप तुम, आप जिससे बात की जा रही है
अन्य पुरुष
(III Person)
वह, यह, ये, वे वे, ये जिसके बारे में बात की जा रही है

3. सर्वनाम के भेद

भेद परिभाषा उदाहरण
पुरुषवाचक सर्वनाम वक्ता, श्रोता या अन्य के लिए प्रयुक्त मैं, तुम, वह, आप
निश्चयवाचक सर्वनाम निकट या दूर की वस्तु का बोध यह, वह
अनिश्चयवाचक सर्वनाम अनिश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध कोई, कुछ
संबंधवाचक सर्वनाम दो वाक्यों में संबंध स्थापित करे जो, सो
प्रश्नवाचक सर्वनाम प्रश्न पूछने के लिए प्रयुक्त कौन, क्या
निजवाचक सर्वनाम स्वयं का बोध कराए आप, स्वयं

4. निजवाचक सर्वनाम की विशेषता

'आप' का विशेष प्रयोग:

  • संवाद में: "आप कहाँ जा रहे हैं?" - यहाँ 'आप' मध्यम पुरुष है
  • निजवाचक में: "राम ने आप ही अपना काम कर लिया" - यहाँ 'आप' निजवाचक सर्वनाम है

5. महत्वपूर्ण टिप्स

🎯 STET Perspective:
'आप' के दोनों प्रयोगों में अंतर समझना महत्वपूर्ण है
निजवाचक सर्वनाम की पहचान - क्रिया के कर्ता के लिए 'स्वयं' शब्द का बोध
संबंधवाचक सर्वनाम हमेशा युग्म में आते हैं - जो-सो, जैसा-वैसा
💡 स्मरण तकनीक:
उत्तम पुरुष = मैं (बोलने वाला)
मध्यम पुरुष = तुम (सुनने वाला)
अन्य पुरुष = वह (जिसके बारे में बात हो रही है)
⚠️ सामान्य गलतियाँ:
• 'आप' को हमेशा मध्यम पुरुष समझना
• 'स्वयं' और 'आप' में अंतर न समझना
• संबंधवाचक सर्वनामों के युग्मों को पहचानने में भूल

📖 पृष्ठ 5: विशेषण

1. विशेषण की परिभाषा

विशेषण: संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्द।

2. विशेषण-भेदों की तुलना

भेद अर्थ उदाहरण
गुणवाचक गुण, दोष, रंग, आकार आदि अच्छा, बुरा, लाल, बड़ा
संख्यावाचक संख्या का बोध एक, दस, प्रथम, द्वितीय
परिमाणवाचक नाप-तौल का बोध थोड़ा दूध, किलो चावल
सार्वनामिक सर्वनाम से बने यह किताब, वह लड़का

3. संख्यावाचक विशेषण के प्रकार

प्रकार परिभाषा उदाहरण
निश्चित संख्यावाचक निश्चित संख्या बताए पाँच लड़के, दस किताबें
अनिश्चित संख्यावाचक अनिश्चित संख्या बताए कुछ लड़के, कई किताबें
गणनावाचक गिनती का बोध एक, दो, तीन, चार
क्रमवाचक क्रम का बोध प्रथम, द्वितीय, तृतीय
आवृत्तिवाचक बार-बार होने का बोध दुगना, तिगुना, चौगुना

4. परिमाणवाचक विशेषण के प्रकार

प्रकार परिभाषा उदाहरण
निश्चित परिमाणवाचक निश्चित मात्रा बताए एक किलो, दो लीटर
अनिश्चित परिमाणवाचक अनिश्चित मात्रा बताए थोड़ा, बहुत, कम

5. विशेषण बनाने के प्रत्यय

प्रत्यय उदाहरण विशेषण
-ई गाँव + ई ग्रामीण
-इक समाज + इक सामाजिक
-मय शक्ति + मय शक्तिमय
-वाला दाढ़ी + वाला दाढ़ीवाला

6. महत्वपूर्ण टिप्स

🎯 STET Perspective:
विशेषण vs. सार्वनामिक विशेषण में अंतर समझें
  - 'वह लड़का पढ़ रहा है।' - यहाँ 'वह' सार्वनामिक विशेषण है
  - 'वह पढ़ रहा है।' - यहाँ 'वह' सर्वनाम है
गुणवाचक विशेषण की Degrees (Positive, Comparative, Superlative) पूछे जाते हैं
संख्यावाचक और परिमाणवाचक में अंतर याद रखें
💡 स्मरण तकनीक:
गुणवाचक = गुण बताए (रंग, आकार, स्वभाव)
संख्यावाचक = संख्या बताए (कितने?)
परिमाणवाचक = मात्रा बताए (कितना?)
सार्वनामिक = सर्वनाम से बने (यह, वह, कौन सा)
⚠️ सामान्य गलतियाँ:
• विशेषण और सर्वनाम में भ्रम
• संख्यावाचक और परिमाणवाचक में अंतर न समझना
• सार्वनामिक विशेषण को सर्वनाम समझना

7. विशेषण की Degrees (कोटियाँ)

Degree अर्थ उदाहरण
Positive Degree
(मूलावस्था)
साधारण गुण राम लम्बा है।
Comparative Degree
(उत्तरावस्था)
दो में तुलना राम श्याम से लम्बा है।
Superlative Degree
(उत्तमावस्था)
अनेक में श्रेष्ठ राम कक्षा में सबसे लम्बा है।

📖 पृष्ठ 6: क्रिया

1. क्रिया की परिभाषा

क्रिया: जिस शब्द से किसी कार्य का होना या करना पाया जाए।

2. अकर्मक vs. सकर्मक क्रिया पहचानने की शॉर्ट-ट्रिक

शॉर्ट-ट्रिक: वाक्य में क्रिया के बाद 'क्या'/'किसे' लगाकर प्रश्न पूछें।
प्रकार परिभाषा पहचान विधि उदाहरण
सकर्मक क्रिया जिस क्रिया का फल कर्ता पर न पड़कर कर्म पर पड़े 'क्या' लगाने पर उत्तर मिले राम पुस्तक पढ़ता है।
(पढ़ता है क्या? → पुस्तक)
अकर्मक क्रिया जिस क्रिया का फल कर्ता पर ही पड़े 'क्या' लगाने पर उत्तर न मिले बच्चा सोता है।
(सोता है क्या? → कोई उत्तर नहीं)

3. क्रिया के मुख्य भेद

भेद परिभाषा उदाहरण
सकर्मक क्रिया कर्म की आवश्यकता हो पढ़ना, लिखना, खाना
अकर्मक क्रिया कर्म की आवश्यकता न हो सोना, हँसना, रोना
द्विकर्मक क्रिया दो कर्मों की आवश्यकता हो देना, लेना, सुनाना
प्रेरणार्थक क्रिया किसी से कार्य करवाए पढ़वाना, लिखवाना
संयुक्त क्रिया दो क्रियाओं का मेल पढ़ डालना, लिख लेना
नामधातु क्रिया संज्ञा/विशेषण से बनी क्रिया लतियाना, बतियाना

4. प्रेरणार्थक क्रिया के प्रकार

प्रकार अर्थ उदाहरण
प्रथम प्रेरणार्थक सीधा प्रेरणा देना पढ़ाना, सुनाना
द्वितीय प्रेरणार्थक दूसरे के माध्यम से प्रेरणा देना पढ़वाना, लिखवाना

5. क्रिया रूपों का निर्माण

क्रिया रूप प्रयोग उदाहरण
मूल धातु क्रिया का मूल रूप पढ़, लिख, खा
कृदंत रूप प्रत्यय जुड़ने पर पढ़ना, लिखना, खाना
विकरणीय रूप लिंग, वचन, पुरुष के अनुसार पढ़ता, पढ़ती, पढ़ते

6. महत्वपूर्ण टिप्स

🎯 STET Perspective:
अकर्मक vs. सकर्मक की पहचान के प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं
प्रेरणार्थक क्रिया के दोनों प्रकारों में अंतर समझें
द्विकर्मक क्रिया की पहचान - दो कर्म (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष)
संयुक्त क्रिया के विभिन्न रूपों का ज्ञान महत्वपूर्ण है
💡 स्मरण तकनीक:
सकर्मक = कर्म के साथ (क्या करता है?)
अकर्मक = बिना कर्म के (क्या होता है?)
प्रेरणार्थक = करवाने का भाव (व, आ प्रत्यय)
द्विकर्मक = दो कर्म (किसे क्या दिया?)
⚠️ सामान्य गलतियाँ:
• अकर्मक और सकर्मक क्रिया में भ्रम
• प्रेरणार्थक क्रिया के दो स्तर न समझना
• द्विकर्मक क्रिया में कर्मों की पहचान न कर पाना
• क्रिया के धातु रूप और कृदंत रूप में अंतर न समझना

7. क्रिया के विशेष प्रयोग

प्रयोग विवरण उदाहरण
पूर्वकालिक क्रिया मुख्य क्रिया से पहले होने वाली क्रिया वह नहा कर स्कूल जाता है।
तत्काल भविष्य क्रिया तुरंत होने वाली क्रिया मैं अभी जाता हूँ
आज्ञार्थक क्रिया आज्ञा देने का भाव तुम यहाँ आओ

📖 पृष्ठ 7: काल

1. काल की परिभाषा

काल: क्रिया के जिस रूप से कार्य के होने के समय का बोध हो।

2. काल के मुख्य भेद

काल पहचान उदाहरण
वर्तमान काल ता है, ती है, ते हैं राम पढ़ता है
भूतकाल या, ई, ए, था, थी, थे राम ने पढ़
भविष्यत काल गा, गी, गे राम पढ़ेगा

3. वर्तमान काल के भेद

भेद परिभाषा उदाहरण
सामान्य वर्तमान सामान्य रूप से वर्तमान वह पढ़ता है
तात्कालिक वर्तमान अभी हो रही क्रिया वह पढ़ रहा है
पूर्ण वर्तमान अभी पूरी हुई क्रिया वह पढ़ चुका है
संदिग्ध वर्तमान संदेह के साथ वह पढ़ता होगा

4. भूतकाल के भेद

भेद परिभाषा उदाहरण
सामान्य भूत सामान्य भूतकाल राम ने पढ़
आसन्न भूत अभी पूरी हुई क्रिया उसने पढ़ा है
पूर्ण भूत पहले पूरी हुई क्रिया उसने पढ़ा था
अपूर्ण भूत जारी रही क्रिया वह पढ़ रहा था
संदिग्ध भूत संदेह के साथ उसने पढ़ा होगा

5. भविष्यत काल के भेद

भेद परिभाषा उदाहरण
सामान्य भविष्य सामान्य भविष्य क्रिया वह पढ़ेगा
संभाव्य भविष्य संभावना वाली क्रिया शायद वह पढ़

6. महत्वपूर्ण टिप्स

🎯 STET Perspective:
• अपूर्ण vs. पूर्ण भूत में अंतर समझें
• संदिग्ध काल की पहचान करें
• क्रिया के लिंग-वचन के अनुसार काल रूप बनाना सीखें
💡 स्मरण तकनीक:
• वर्तमान: ता/ती/ते + है/हैं
• भूत: आ/ई/ए + था/थी/थे
• भविष्य: गा/गी/गे

📖 पृष्ठ 8: वाच्य

1. वाच्य की परिभाषा

वाच्य: वाक्य में कर्ता, कर्म या भाव की प्रधानता दर्शाने वाला रूप।

2. वाच्य के भेद

वाच्य परिभाषा उदाहरण
कर्तृवाच्य कर्ता की प्रधानता राम पुस्तक पढ़ता है।
कर्मवाच्य कर्म की प्रधानता पुस्तक राम से पढ़ी जाती है।
भाववाच्य भाव की प्रधानता मुझसे चला नहीं जाता।

3. कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य बनाने की विधि

चरण विवरण उदाहरण
चरण 1 कर्ता को 'से' के द्वारा चिह्नित करें राम → राम से
चरण 2 कर्म को वाक्य का विषय बनाएं पुस्तक → पुस्तक (Subject)
चरण 3 क्रिया को कर्म के अनुसार बदलें पढ़ता है → पढ़ी जाती है

उदाहरण परिवर्तन:

कर्तृवाच्य: राम (कर्ता) पुस्तक (कर्म) पढ़ता है।

कर्मवाच्य: पुस्तक (कर्म) राम से पढ़ी जाती है।

4. भाववाच्य की विशेषताएं

विशेषता विवरण उदाहरण
क्रिया सदैव अकर्मक क्रिया चला जाना, उठा जाना
कर्ता 'से' विभक्ति के साथ मुझसे, उससे, तुमसे
भाव असमर्थता का भाव नहीं जाता, नहीं सोया

5. वाच्य परिवर्तन के उदाहरण

कर्तृवाच्य कर्मवाच्य भाववाच्य
शिक्षक पाठ पढ़ाते हैं। शिक्षक से पाठ पढ़ाया जाता है। -
मैं खाना बनाता हूँ। मुझसे खाना बनाया जाता है। -
वह सोता है। - उससे सोया नहीं जाता।

6. महत्वपूर्ण टिप्स

🎯 STET Perspective:
कर्मवाच्य में क्रिया सदैव कर्म के लिंग-वचन के अनुसार होती है
भाववाच्य केवल अकर्मक क्रियाओं के साथ बनता है
कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य बनाते समय क्रिया में 'जाना' क्रिया जोड़ते हैं
• वाच्य परिवर्तन में कर्ता और कर्म की भूमिका बदल जाती है
💡 स्मरण तकनीक:
कर्तृवाच्य = कर्ता प्रधान (कौन करता है?)
कर्मवाच्य = कर्म प्रधान (क्या होता है?)
भाववाच्य = भाव प्रधान (क्या नहीं हो पाता?)
⚠️ सामान्य गलतियाँ:
• कर्मवाच्य में क्रिया को कर्ता के अनुसार बना देना
• भाववाच्य को कर्मवाच्य समझना
• सकर्मक क्रिया से भाववाच्य बनाने की कोशिश करना
• वाच्य परिवर्तन में क्रिया के लिंग-वचन में गलती

7. वाच्य पहचान की शॉर्ट-ट्रिक

प्रश्न कर्तृवाच्य कर्मवाच्य भाववाच्य
कौन करता है?
क्या होता है?
क्या नहीं हो पाता?

📖 पृष्ठ 9: अव्यय

1. अव्यय की परिभाषा

अव्यय: जिन शब्दों के रूप में लिंग, वचन, कारक आदि के कारण कोई परिवर्तन नहीं होता।

2. अव्यय के मुख्य भेद

भेद परिभाषा उदाहरण
क्रिया विशेषण क्रिया की विशेषता बताते हैं धीरे-धीरे, अच्छी तरह
संबंधबोधक संज्ञा/सर्वनाम का संबंध जोड़ते हैं के पास, के ऊपर
समुच्चयबोधक शब्दों या वाक्यों को जोड़ते हैं और, परन्तु, क्योंकि
विस्मयादिबोधक भावों को व्यक्त करते हैं अरे!, वाह!, शाबाश!

3. क्रिया विशेषण के भेद

भेद परिभाषा उदाहरण
कालवाचक समय का बोध कराए कल, परसों, अब, तुरंत
स्थानवाचक स्थान का बोध कराए यहाँ, वहाँ, भीतर, बाहर
रीतिवाचक ढंग या विधि का बोध कराए धीरे-धीरे, जोर से, अच्छी तरह
परिमाणवाचक मात्रा का बोध कराए बहुत, कम, अधिक, थोड़ा

4. संबंधबोधक अव्यय

संबंधबोधक प्रयोग उदाहरण
के बिना अभाव बताए वह मेरे बिना चला गया।
के पास निकटता बताए किताब मेरे पास है।
के ऊपर ऊपरी स्थिति बताए किताब मेज ऊपर है।
के बाद पश्चात का भाव खाने बाद पढ़ना है।
के लिए उद्देश्य बताए यह तुम्हारे लिए है।
के सामने सामने की स्थिति वह मेरे सामने खड़ा है।
के अनुसार अनुरूपता बताए नियम अनुसार काम करो।

5. समुच्चयबोधक अव्यय

भेद प्रयोग उदाहरण
समानाधिकरण समान पदों को जोड़े राम और श्याम पढ़ते हैं।
व्यधिकरण वाक्यों को जोड़े वह पढ़ता है क्योंकि परीक्षा है।

मुख्य समुच्चयबोधक:

जोड़ने वाले: और, तथा, एवं

विरोध बताने वाले: परन्तु, किन्तु, लेकिन, मगर

कारण बताने वाले: क्योंकि, चूँकि, इसलिए

विकल्प बताने वाले: या, अथवा, वरना

6. विस्मयादिबोधक अव्यय

भाव अव्यय उदाहरण
हर्ष वाह!, शाबाश!, अहा! वाह! कितना सुन्दर दृश्य है।
शोक हाय!, ऊँह!, त्राहि! हाय! दुर्घटना हो गई।
आश्चर्य अरे!, क्या!, सच! अरे! तुम यहाँ कब आए?
संबोधन अजी!, ओ!, रे! अजी! इधर आओ।

7. महत्वपूर्ण टिप्स

🎯 STET Perspective:
संबंधबोधक अव्ययों की पहचान और प्रयोग अक्सर पूछे जाते हैं
समुच्चयबोधक में समानाधिकरण और व्यधिकरण में अंतर समझें
क्रिया विशेषण की विभिन्न श्रेणियों को पहचानना महत्वपूर्ण है
• अव्ययों का वाक्य में सही स्थान पर प्रयोग
💡 स्मरण तकनीक:
क्रिया विशेषण = क्रिया की विशेषता (कैसे, कब, कहाँ?)
संबंधबोधक = संबंध बताए (के साथ, के बिना)
समुच्चयबोधक = जोड़े (और, परन्तु, क्योंकि)
विस्मयादिबोधक = भाव व्यक्त करे (वाह!, अरे!)
⚠️ सामान्य गलतियाँ:
• संबंधबोधक और समुच्चयबोधक में भ्रम
• क्रिया विशेषण को विशेषण समझना
• विस्मयादिबोधक के बाद विस्मयादिबोधक चिह्न (!) न लगाना
• अव्ययों का गलत स्थान पर प्रयोग करना

📖 पृष्ठ 11: समास

1. समास की परिभाषा

समास: दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से बने नए और संक्षिप्त शब्द को समास कहते हैं।

2. समास-विग्रह की अनूठी तकनीक

"पूछो कैसा, किसका, किसलिए?"
समास प्रश्न विग्रह भेद
राजपुरुष किसका? राजा का पुरुष तत्पुरुष
पीताम्बर कैसा? पीला है जो अम्बर कर्मधारय
चौराहा कितने का? चार राहों का समूह द्विगु

3. समास के मुख्य भेद

भेद परिभाषा उदाहरण विग्रह
तत्पुरुष पूर्वपद प्रधान राजपुरुष राजा का पुरुष
कर्मधारय उत्तरपद प्रधान महात्मा महान है जो आत्मा
द्विगु पूर्वपद संख्यावाचक तिराहा तीन राहों का समूह
द्वन्द्व दोनों पद प्रधान माता-पिता माता और पिता
अव्ययीभाव पूर्वपद प्रधान (अव्यय) यथाशक्ति शक्ति के अनुसार
बहुव्रीहि कोई पद प्रधान नहीं पीताम्बर पीला वस्त्र पहनने वाला

4. तत्पुरुष समास के भेद

भेद विभक्ति उदाहरण विग्रह
कर्म तत्पुरुष को धनहीन धन से हीन
करण तत्पुरुष से कमलज कमल से जात
संप्रदान तत्पुरुष के लिए गोदान गो के लिए दान
अपादान तत्पुरुष से (अलग) आपबीती आप से बीती
संबंध तत्पुरुष का राजपुत्र राजा का पुत्र
अधिकरण तत्पुरुष में आत्महत्या आत्मा में हत्या

5. बहुव्रीहि समास की विशेषताएं

विशेषता विवरण उदाहरण
नया अर्थ समस्त पद का नया अर्थ लंबोदर → गणेश
विशेषणात्मक विशेषण का काम करे नीलकंठ → शिव
रूढ़ अर्थ प्रसिद्ध अर्थ में जलज → कमल

6. महत्वपूर्ण टिप्स

🎯 STET Perspective:
बहुव्रीहि समास की पहचान सबसे महत्वपूर्ण
तत्पुरुष और कर्मधारय में अंतर समझें
द्विगु समास में संख्या का होना आवश्यक
द्वन्द्व समास में 'और' का भाव रहता है
• समास-विग्रह के प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं
💡 स्मरण तकनीक:
तत्पुरुष = पूर्वपद प्रधान (राजा का पुरुष)
कर्मधारय = विशेषण-विशेष्य (महान आत्मा)
द्विगु = संख्या वाला (तीन राहों का)
द्वन्द्व = दोनों प्रधान (माता और पिता)
बहुव्रीहि = नया अर्थ (पीला अम्बर वाला)
⚠️ सामान्य गलतियाँ:
• बहुव्रीहि और कर्मधारय में भ्रम
• तत्पुरुष के विभिन्न भेदों में अंतर न समझना
• समास विग्रह करते समय विभक्ति चिह्न छोड़ देना
• द्विगु समास को तत्पुरुष समझना
• अव्ययीभाव में अव्यय की पहचान न कर पाना

7. समास पहचान की शॉर्ट-ट्रिक

समास पहचान टेस्ट
बहुव्रीहि नया अर्थ क्या इसका कोई नया अर्थ है?
कर्मधारय विशेषण-विशेष्य क्या पहला शब्द दूसरे की विशेषता बता रहा है?
द्विगु संख्या क्या पहला शब्द संख्या है?
द्वन्द्व दोनों प्रधान क्या दोनों शब्द महत्वपूर्ण हैं?

📖 पृष्ठ 12: उपसर्ग एवं प्रत्यय

1. उपसर्ग और प्रत्यय की परिभाषा

उपसर्ग: शब्द के पहले जुड़ने वाले शब्दांश।

प्रत्यय: शब्द के अंत में जुड़ने वाले शब्दांश।

2. मुख्य उपसर्ग और उनके प्रयोग

उपसर्ग अर्थ उदाहरण नया शब्द
प्र श्रेष्ठता प्र + दर्शन प्रदर्शन
परा श्रेष्ठ परा + भाव पराभाव
अप नीचा अप + मान अपमान
सम् अच्छी तरह सम् + योग संयोग
अनु पीछे अनु + गमन अनुगमन
अव नीचे अव + तरण अवतरण
निर् बिना निर् + आश निराश
दुस् बुरा दुस् + आचार दुराचार
वि विशेष वि + देश विदेश
नहीं अ + साधारण असाधारण

3. प्रमुख प्रत्यय और उनके प्रयोग

प्रत्यय अर्थ/प्रयोग उदाहरण नया शब्द
ता भाववाचक संज्ञा मानव + ता मानवता
पन भाववाचक संज्ञा बच्चा + पन बचपन
संबंध बताए गाँव + ई ग्रामीण
इक संबंध बताए समाज + इक सामाजिक
आर व्यवसाय बताए सोना + आर सुनार
वाला संबंध बताए दाढ़ी + वाला दाढ़ीवाला
मय पूर्णता बताए शक्ति + मय शक्तिमय
हार कर्ता बताए बेल + हार बेलहार

4. कृत प्रत्यय (क्रिया से शब्द बनाने वाले)

प्रत्यय बनने वाला शब्द उदाहरण नया शब्द
अक कर्तावाचक लिख + अक लेखक
भाववाचक झुक + आ झुकाव
अन भाववाचक बोल + अन बोलन
भाववाचक बढ़ + ऊ बढ़ौती

5. तद्धित प्रत्यय (संज्ञा/विशेषण से शब्द बनाने वाले)

प्रत्यय बनने वाला शब्द उदाहरण नया शब्द
इया व्यवसाय मोची + इया मोचिया
आई भाववाचक चोर + आई चोराई
आहट भाववाचक घबरा + आहट घबराहट
पा व्यवसाय कुम्हार + पा कुम्हारपा

6. महत्वपूर्ण टिप्स

🎯 STET Perspective:
• उपसर्ग और प्रत्यय से नए शब्द बनाने वाले प्रश्न आम हैं
• किसी दिए गए शब्द में प्रयुक्त प्रत्यय को पहचानने वाले प्रश्न
• उपसर्गों के अर्थ और प्रयोग पर आधारित प्रश्न
• कृत और तद्धित प्रत्ययों में अंतर समझना महत्वपूर्ण
💡 स्मरण तकनीक:
उपसर्ग = शब्द के आगे जुड़े (प्र, अप, सम्)
प्रत्यय = शब्द के पीछे जुड़े (ता, पन, ई)
कृत प्रत्यय = क्रिया से बने शब्द (लेखक, पाठक)
तद्धित प्रत्यय = संज्ञा/विशेषण से बने शब्द (मानवता, बचपन)
⚠️ सामान्य गलतियाँ:
• उपसर्ग और प्रत्यय में भ्रम
• कृत और तद्धित प्रत्ययों में अंतर न समझना
• उपसर्गों के अर्थ न याद रख पाना
• प्रत्यय लगाने पर शब्द के मूल रूप में परिवर्तन न समझना
• 'वाला' प्रत्यय का गलत प्रयोग

7. शब्द निर्माण के उदाहरण

मूल शब्द उपसर्ग प्रत्यय नया शब्द
ज्ञान - अज्ञान
विद्या - आलय विद्यालय
मान अप - अपमान
लिख - आवट लिखावट

📖 पृष्ठ 13: वाक्य संशोधन (अशुद्धि शोधन)

STET में आने वाली 20 सबसे सामान्य अशुद्धियाँ

क्रम अशुद्ध वाक्य शुद्ध वाक्य त्रुटि का प्रकार
1 वह लड़की पढ़ रहा है। वह लड़की पढ़ रही है। लिंग संबंधी अशुद्धि
2 सभी बच्चे खेल रहा है। सभी बच्चे खेल रहे हैं। वचन संबंधी अशुद्धि
3 मैं अपने घर जा रहा हूँ। मैं अपने घर जा रहा हूँ। कारक संबंधी अशुद्धि
4 वह गाना गाया और नाचा वह गाना गाया और नाचा क्रिया का लोप
5 उसका उज्जवल भविष्य है। उसका उज्ज्वल भविष्य है। वर्तनी संबंधी अशुद्धि
6 मेरी किताबें मेज पर है मेरी किताबें मेज पर हैं विषय-क्रिया सहमति
7 वह फिर दोबारा आया। वह दोबारा आया। अनावश्यक शब्द-प्रयोग
8 उसने अपनी आत्मकथा लिखी। उसने आत्मकथा लिखी। पुनरुक्ति दोष
9 मुझको पता है। मुझे पता है। 'को' का अनावश्यक प्रयोग
10 उसने आगे-पीछे कर दिया। उसने आगे-पीछे एक कर दिया। मुहावरे का गलत प्रयोग
11 कल वर्षा होती है। कल वर्षा होगी काल संबंधी अशुद्धि
12 मुझसे यह काम नहीं किया जाता मैं यह काम नहीं कर सकता वाच्य संबंधी अशुद्धि
13 वह पढ रहा है। वह पढ़ रहा है। 'र' और 'ड़' का भ्रम
14 बिद्यालय विद्यालय 'व' और 'ब' का भ्रम
15 हंसी हँसी अनुस्वार और अनुनासिक का भ्रम
16 नदि नदी 'इ' और 'ई' का भ्रम
17 फुल फूल 'उ' और 'ऊ' का भ्रम
18 यह राम की किताब है। यह राम की किताब है। संबंध सूचक का गलत प्रयोग
19 यह काम संभव है। यह काम असंभव है। विलोम शब्द का गलत प्रयोग
20 वह भी मेरे साथ आएगा। वह मेरे साथ भी आएगा। अव्ययों का गलत स्थान

अशुद्धि शोधन के नियम

नियम विवरण उदाहरण
लिंग सहमति कर्ता और क्रिया के लिंग एक समान लड़का पढ़ता है, लड़की पढ़ती है
वचन सहमति कर्ता और क्रिया के वचन एक समान बच्चा खेलता है, बच्चे खेलते हैं
कारक चिह्न उचित कारक चिह्न का प्रयोग मुझे पता है (मुझको नहीं)
काल सहमति क्रिया का काल उचित हो कल वर्षा होगी (होती नहीं)
वर्तनी शब्दों की सही वर्तनी उज्ज्वल (उज्जवल नहीं)

महत्वपूर्ण टिप्स

🎯 STET Perspective:
• वाक्य संशोधन के प्रश्नों में सबसे अधिक लिंग-वचन की अशुद्धियाँ पूछी जाती हैं
वर्तनी संबंधी त्रुटियाँ अक्सर पूछी जाती हैं
मुहावरों के गलत प्रयोग पर ध्यान दें
अनावश्यक शब्दों के प्रयोग वाले प्रश्न महत्वपूर्ण हैं
💡 सुधार तकनीक:
• वाक्य को ध्यान से पढ़ें और अशुद्धि ढूंढें
• लिंग-वचन की जाँच करें
• क्रिया के काल की जाँच करें
• अनावश्यक शब्द तो नहीं हैं
• वर्तनी सही है या नहीं
⚠️ सामान्य गलतियाँ:
• लिंग-वचन की अशुद्धि न पहचान पाना
• वर्तनी संबंधी त्रुटियों पर ध्यान न देना
• मुहावरों के सही प्रयोग न जानना
• अनावश्यक शब्दों को न पहचान पाना
• कारक चिह्नों के गलत प्रयोग पर ध्यान न देना

अभ्यास के लिए महत्वपूर्ण बिंदु

वाक्य संशोधन में ध्यान रखने योग्य बातें:

1. लिंग सहमति - कर्ता और क्रिया के लिंग समान हों

2. वचन सहमति - कर्ता और क्रिया के वचन समान हों

3. काल सहमति - क्रिया उचित काल में हो

4. वर्तनी - सभी शब्दों की वर्तनी सही हो

5. अनावश्यक शब्द - कोई अनावश्यक शब्द न हो

6. मुहावरे - मुहावरों का सही प्रयोग हो

📖 पृष्ठ 14: मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ

1. मुहावरे और लोकोक्ति में अंतर

विशेषता मुहावरा लोकोक्ति
परिभाषा वाक्यांश जिसका अर्थ विशेष हो पूर्ण वाक्य जो अनुभव की बात कहें
प्रयोग वाक्य के भाग के रूप में स्वतंत्र वाक्य के रूप में
उदाहरण आँखें दिखाना अंधा क्या चाहे दो आँखें

2. High-Yield मुहावरे और उनके अर्थ

क्रम मुहावरा अर्थ वाक्य प्रयोग
1 अक्ल पर पत्थर पड़ना जिद करना वह अक्ल पर पत्थर पड़ गया है और मानता नहीं।
2 आँखों में धूल झोंकना धोखा देना दुकानदार ने ग्राहकों की आँखों में धूल झोंक दी।
3 ऊँट के मुँह में जीरा बहुत कम मात्रा इतने बड़े परिवार के लिए यह राशि तो ऊँट के मुँह में जीरा है।
4 कान भरना चुगली करना उसने मालिक के कान भर दिए।
5 चेहरे पर हवाइयाँ उड़ना भयभीत हो जाना पुलिस को देखते ही चोर के चेहरे पर हवाइयाँ उड़ने लगीं।
6 दाँतों तले उँगली दबाना आश्चर्यचकित रह जाना उसकी सफलता देखकर सब दाँतों तले उँगली दबा रहे थे।
7 नौ-दो ग्यारह होना भाग जाना पुलिस को देखकर चोर नौ-दो ग्यारह हो गया।
8 पानी-पानी होना बहुत लज्जित होना झूठ पकड़े जाने पर वह पानी-पानी हो गया।
9 लोहे के चने चबाना बहुत कठिन काम करना इस परीक्षा में सफल होना लोहे के चने चबाना है।
10 हाथ मलना पछताना अवसर गँवाने के बाद वह हाथ मलता रह गया।

3. महत्वपूर्ण लोकोक्तियाँ (कहावतें)

लोकोक्ति अर्थ प्रसंग
अंधा क्या चाहे दो आँखें मनचाही वस्तु की प्राप्ति नौकरी मिलने पर उसकी खुशी का ठिकाना न रहा - अंधा क्या चाहे दो आँखें
जैसी करनी वैसी भरनी कर्मफल धोखा देने वाले को ही धोखा मिला - जैसी करनी वैसी भरनी
दूर के ढोल सुहावने लगते हैं पराया पन आकर्षक लगता है विदेश की नौकरी उसे अच्छी लगती है - दूर के ढोल सुहावने लगते हैं
नाच न जाने आँगन टेढ़ा अयोग्य व्यक्ति दोष दूसरों को देता है पढ़ न सका तो कहने लगा शिक्षक अच्छा नहीं - नाच न जाने आँगन टेढ़ा
अपना-अपना ढोल सबको अच्छा सबको अपनी चीज अच्छी लगती है हर माता-पिता को अपना बच्चा सबसे अच्छा लगता है - अपना-अपना ढोल सबको अच्छा

4. मुहावरों के प्रकार

प्रकार विशेषता उदाहरण
शारीरिक अंग संबंधी शरीर के अंगों से संबंधित आँखें दिखाना, कान भरना
प्रकृति संबंधी प्राकृतिक तत्वों से संबंधित आग-बबूला होना, पानी-पानी होना
पशु-पक्षी संबंधी जानवरों से संबंधित ऊँट के मुँह में जीरा, चूहे की तरह भागना
संख्या संबंधी संख्या से संबंधित नौ-दो ग्यारह होना, दस-बीस होना

5. महत्वपूर्ण टिप्स

🎯 STET Perspective:
• मुहावरों के अर्थ पूछने वाले प्रश्न अक्सर आते हैं
• मुहावरों का वाक्य में सही प्रयोग जाँचा जाता है
• लोकोक्तियों के अर्थ और प्रसंग पूछे जाते हैं
• मुहावरे और लोकोक्ति में अंतर पूछा जा सकता है
• दिए गए वाक्य में सही मुहावरा चुनने के प्रश्न
💡 स्मरण तकनीक:
मुहावरा = वाक्यांश (आँखें दिखाना)
लोकोक्ति = पूरा वाक्य (अंधा क्या चाहे दो आँखें)
• शारीरिक अंग वाले मुहावरे सबसे अधिक प्रयोग होते हैं
• संख्या वाले मुहावरे याद रखने में आसान होते हैं
⚠️ सामान्य गलतियाँ:
• मुहावरे और लोकोक्ति में भ्रम
• मुहावरों के गलत अर्थ याद रखना
• मुहावरों का वाक्य में गलत प्रयोग करना
• लोकोक्तियों के प्रसंग न समझ पाना
• समानार्थक मुहावरों में अंतर न समझ पाना

6. अभ्यास के लिए विशेष मुहावरे

STET में अक्सर पूछे जाने वाले मुहावरे:

आँख का तारा = बहुत प्यारा

कमर कसना = तैयार होना

गुड़-गोबर करना = बिगाड़ देना

घड़ों पानी पड़ना = बहुत लज्जित होना

दिमाग चलना = समझदार होना

नाकों चने चबवाना = परेशान करना

मुँह में पानी आना = लालच होना

हवा से बातें करना = बहुत तेज दौड़ना

📖 पृष्ठ 15: पर्यायवाची एवं विलोम शब्द

1. पर्यायवाची और विलोम शब्द की परिभाषा

पर्यायवाची: समान अर्थ रखने वाले शब्द।

विलोम शब्द: विपरीत अर्थ रखने वाले शब्द।

2. अक्सर पूछे जाने वाले कठिन शब्द

शब्द पर्यायवाची (Synonyms) विलोम (Antonyms)
अग्नि आग, पावक, अनल, कृशानु जल, वारि, पानी
आकाश गगन, नभ, अम्बर, व्योम धरती, भूमि, पाताल
सूर्य रवि, दिनकर, भास्कर, अंशुमाली चन्द्र, शशि, राकेश
जल पानी, नीर, वारि, अम्बु अग्नि, आग
विजय जीत, सफलता, कामयाबी पराजय, हार, असफलता
मित्र दोस्त, सखा, बंधु शत्रु, रिपु, दुश्मन
दिन दिवस, वार रात, रात्रि, निशा
सुंदर खूबसूरत, रमणीय, मनोहर कुरूप, बदसूरत
शांति चैन, सुकून, अनुद्वेग अशांति, बेचैनी
ज्ञान विद्या, बुद्धि, समझ अज्ञान, मूर्खता

3. STET में महत्वपूर्ण पर्यायवाची शब्द

शब्द पर्यायवाची विशेष टिप
पृथ्वी धरती, भूमि, धरा, वसुंधरा 'वसुंधरा' याद रखें
वायु हवा, पवन, अनिल, मरुत 'मरुत' विशेष है
इन्द्र देवराज, सुरपति, अमरेश देवताओं के राजा
कमल पंकज, जलज, अंभोज, सरोज पानी में जन्म लेने वाला
सिंह शेर, केसरी, मृगेन्द्र, हरि 'हरि' विष्णु का भी नाम
सर्प साँप, नाग, भुजंग, विषधर विष धारण करने वाला
चन्द्र चाँद, शशि, राकेश, निशापति रात का स्वामी

4. STET में महत्वपूर्ण विलोम शब्द

शब्द विलोम विशेष टिप
अमृत विष, जहर जीवन देने वाला vs मारने वाला
स्वर्ग नरक, दोजख सुख का स्थान vs दुख का स्थान
देवता दानव, राक्षस अच्छाई vs बुराई
पुण्य पाप, अधर्म अच्छे कर्म vs बुरे कर्म
जन्म मृत्यु, मरण जीवन की शुरुआत vs अंत
यश अपयश, बदनामी अच्छी ख्याति vs बुरी ख्याति
लाभ हानि, नुकसान फायदा vs नुकसान

5. उपसर्ग से बने विलोम शब्द

उपसर्ग मूल शब्द विलोम शब्द
सत्य असत्य
नुकसान अनुकसान
विद्या अविद्या
दुर् आचार दुराचार
कु मति कुमति

6. महत्वपूर्ण टिप्स

🎯 STET Perspective:
• प्रकृति और देवता संबंधी पर्यायवाची अक्सर पूछे जाते हैं
• उपसर्ग से बने विलोम शब्द महत्वपूर्ण हैं
• विलोम शब्दों में 'अ' उपसर्ग वाले प्रश्न आम हैं
• समानार्थी शब्दों में सूक्ष्म अंतर पूछा जा सकता है
• पारिभाषिक शब्दों के पर्यायवाची महत्वपूर्ण हैं
💡 स्मरण तकनीक:
प्रकृति के तत्व - अग्नि, जल, वायु, आकाश के पर्यायवाची याद रखें
देवता - इन्द्र, चन्द्र, सूर्य के नाम याद रखें
उपसर्ग - 'अ', 'दुर्', 'कु' से बने विलोम शब्द याद रखें
जोड़े - दिन-रात, जन्म-मृत्यु जैसे जोड़े याद रखें
⚠️ सामान्य गलतियाँ:
• पर्यायवाची और विलोम में भ्रम
• उपसर्ग से बने विलोम शब्द न पहचान पाना
• समानार्थी शब्दों के सूक्ष्म अंतर न समझ पाना
• अशुद्ध विलोम शब्द चुन लेना
• पारिभाषिक शब्दों के पर्यायवाची न जानना

7. अभ्यास के लिए विशेष शब्द

STET में अक्सर पूछे जाने वाले शब्द:

पर्यायवाची:

समुद्र = सागर, जलधि, रत्नाकर

पर्वत = पहाड़, गिरि, अचल

सुगंध = खुशबू, महक, सुवास

विलोम:

गर्म ⇔ ठंडा

लंबा ⇔ छोटा

सुख ⇔ दुख

उन्नति ⇔ अवनति

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