Latest Study Materials and Test Series

EMRS , KVS/NVS Tier-2 TGT Hindi Free Test

TGT Hindi (Tier-2) Mock Test अपना स्कोर देखने के लिए सबमिट करें

Hindi Grammar Notes PDF

 


📘 

हिन्दी व्याकरण (प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु पूर्ण नोट्स)



उपयोगी परीक्षाएँ: SSC, Railway, Police, Defence, TET, STET, UPSC, State PSC आदि


विषय सूची (Index)



  1. भाषा और व्याकरण का परिचय
  2. शब्द और उसके भेद
  3. संज्ञा
  4. सर्वनाम
  5. विशेषण
  6. क्रिया
  7. क्रिया विशेषण
  8. अव्यय
  9. संधि
  10. समास
  11. उपसर्ग और प्रत्यय
  12. वचन, लिंग, कारक, विभक्ति
  13. काल और वाच्य
  14. वाक्य और उसके भेद
  15. अलंकार
  16. रस और छंद
  17. मुहावरे और लोकोक्तियाँ
  18. पर्यायवाची, विलोम, एकार्थक शब्द
  19. तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी शब्द
  20. अपठित गद्यांश अभ्यास






1. भाषा और व्याकरण का परिचय



भाषा विचारों को प्रकट करने का माध्यम है।

व्याकरण वह शास्त्र है जो भाषा के शुद्ध रूप, सही प्रयोग और उसके नियमों का ज्ञान कराता है।

हिन्दी भाषा देवनागरी लिपि में लिखी जाती है।





2. शब्द और उसके भेद



शब्द ध्वनियों का समूह है जो किसी अर्थ को प्रकट करता है।

शब्द के चार भेद होते हैं:


  1. नाम (संज्ञा)
  2. क्रिया
  3. विशेषण
  4. अव्यय






3. संज्ञा (Noun)



जिस शब्द से किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव का बोध हो, उसे संज्ञा कहते हैं।

उदाहरण – राम, गंगा, दिल्ली, प्रेम।


भेद:


  1. व्यक्तिवाचक – किसी विशेष व्यक्ति या वस्तु का नाम।
  2. जातिवाचक – किसी जाति या वर्ग का बोध कराता है।
  3. भाववाचक – भाव या गुण का बोध कराता है।
  4. समूहवाचक – किसी समूह या झुंड का बोध कराता है।






4. सर्वनाम (Pronoun)



जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयोग हो, उसे सर्वनाम कहते हैं।

उदाहरण – वह, यह, तुम, मैं।


भेद: पुरुषवाचक, निश्चयवाचक, प्रश्नवाचक, सम्बन्धवाचक, निजवाचक आदि।





5. विशेषण (Adjective)



जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है, उसे विशेषण कहते हैं।

उदाहरण – सुन्दर लड़की, ऊँचा पहाड़।


भेद: गुणवाचक, संख्यावाचक, परिमाणवाचक, संकेतवाचक।





6. क्रिया (Verb)



जो शब्द किसी कार्य के होने या करने का बोध कराए, उसे क्रिया कहते हैं।

उदाहरण – जाना, खाना, खेलना।


भेद: सकर्मक, अकर्मक, सहायक क्रिया।





7. क्रिया विशेषण (Adverb)



जो शब्द क्रिया की विशेषता बताता है, उसे क्रिया विशेषण कहते हैं।

उदाहरण – वह धीरे चलता है, वह बहुत पढ़ता है।





8. अव्यय



जो शब्द रूप नहीं बदलते, उन्हें अव्यय कहते हैं।

उदाहरण – अब, तब, क्यों, जहाँ, वहाँ आदि।





9. संधि



दो वर्णों के मेल से जो परिवर्तन होता है, उसे संधि कहते हैं।

तीन भेद:


  1. स्वर संधि
  2. व्यंजन संधि
  3. विसर्ग संधि



उदाहरण – दे + इन्द्र = देवेन्द्र





10. समास



दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से बने नए शब्द को समास कहते हैं।

चार मुख्य भेद:


  1. तत्पुरुष
  2. द्वंद्व
  3. कर्मधारय
  4. बहुव्रीहि



उदाहरण – राजपथ, राम-लक्ष्मण, नीलकमल।





11. उपसर्ग और प्रत्यय



उपसर्ग: वे शब्दांश जो किसी शब्द के पहले लगकर उसका अर्थ बदलते हैं।

उदाहरण – अन + धर्म = अधर्म


प्रत्यय: वे शब्दांश जो शब्द के अंत में लगते हैं।

उदाहरण – राम + ई = रामी।





12. लिंग, वचन, कारक, विभक्ति



  • लिंग: पुल्लिंग, स्त्रीलिंग
  • वचन: एकवचन, बहुवचन
  • कारक: कर्ता, कर्म, करण, सम्प्रदान, अपादान, सम्बन्ध, अधिकरण
  • विभक्ति: जो कारक को व्यक्त करती है (जैसे – ने, को, से, का, में आदि)।






13. काल और वाच्य



काल: समय का बोध कराता है (भूत, वर्तमान, भविष्य)।

वाच्य: क्रिया के प्रकार को दर्शाता है (कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य, भाववाच्य)।





14. वाक्य और उसके भेद



वाक्य शब्दों का समूह है जो पूरा अर्थ देता है।

भेद – विधानवाचक, प्रश्नवाचक, आज्ञावाचक, विस्मयवाचक।





15. अलंकार



शब्दों या अर्थ की शोभा बढ़ाने वाले तत्व अलंकार कहलाते हैं।

प्रमुख भेद:


  • शब्दालंकार (अनुप्रास, यमक आदि)
  • अर्थालंकार (रूपक, उपमा, उत्प्रेक्षा आदि)






16. रस और छंद



रस: भावों का हृदय में उत्पन्न आनंद रस कहलाता है (श्रृंगार, हास्य, करुण, रौद्र आदि)।

छंद: कविता की लय या मात्रा-विन्यास को छंद कहते हैं।





17. मुहावरे और लोकोक्तियाँ



मुहावरे: निश्चित रूप वाले वाक्यांश जिनका अर्थ भावार्थ में होता है।

उदाहरण – नाक में दम करना, कान काटना।

लोकोक्तियाँ: लोक में प्रचलित कथन जो शिक्षा या सत्य बताते हैं।

उदाहरण – जैसा करोगे वैसा भरोगे।





18. पर्यायवाची, विलोम, एकार्थक शब्द



  • पर्यायवाची: समान अर्थ वाले शब्द – अग्नि = आग
  • विलोम: विपरीत अर्थ वाले शब्द – दिन ↔ रात
  • एकार्थक: एक ही अर्थ बताने वाले अनेक शब्द।






19. तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी शब्द



  • तत्सम: संस्कृत के समान रूप वाले शब्द – जल, सूर्य
  • तद्भव: संस्कृत से बदले हुए रूप – सूरज, पानी
  • देशज: देश में उत्पन्न शब्द – डमरू, लोटा
  • विदेशी: विदेशी भाषा से आए शब्द – स्कूल, कलम






20. अपठित गद्यांश अभ्यास



परीक्षाओं में 5–10 अंकों के लिए आता है।

टिप्स:


  • प्रश्न पढ़ने से पहले गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें।
  • उत्तर अपने शब्दों में लिखें, न कि सीधे कॉपी करें।


टिप्पणियाँ