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CTET 2026 | Paper- 1 CDP Questions

  Here are the 30 questions from the Child Development and Pedagogy (CDP) section as presented in Hindi and English PART—I / भाग—I CHILD DEVELOPMENT AND PEDAGOGY / बाल विकास व शिक्षाशास्त्र 1. Rama was mean to her brother Tahir. Next day Tahir got sick. Rama concluded that she made her brother sick. According to Piaget, which stage of cognitive development is Rama in? (1) Preoperational stage (2) Concrete operational stage (3) Formal operational stage (4) Sensorimotor stage रमा ने अपने भाई ताहिर के साथ मतलबी तरीके से व्यवहार किया। अगले दिन ताहिर बीमार हो गया। रमा ने निष्कर्ष निकाला कि उसने अपने भाई को बीमार कर दिया। पियाजे के अनुसार, रमा संज्ञानात्मक विकास के किस चरण में है? (1) पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (2) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (3) औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (4) संवेदी-चालक अवस्था 2. _______ is the process by which children become aware of their gender roles. (1) Gender equality (2) Gender relatedness (3) Gender homogeneity (4) Gender typing _______ वह प्...

EMRS: Samas Notes PDF Free (समास)

 नीचे EMRS Exam के लिए समास (Samas) पर बहुत विस्तृत, आसान भाषा में, परीक्षा-उपयोगी Notes दिए गए हैं —

हर समास में 20-20 उदाहरण शामिल हैं।





⭐ समास – विस्तृत नोट्स (EMRS के लिए)



समास = दो या दो से अधिक शब्दों का संक्षिप्त रूप

संक्षेप में बड़े वाक्य को छोटा करके अर्थपूर्ण शब्द बनाना समास कहलाता है।

➡️ सामान्य सूत्र: पूरा वाक्य → छोटा पद → अर्थ पूरा।


समास के मुख्य 6 प्रकार हैं:


  1. अव्ययीभाव समास
  2. द्वंद्व समास
  3. द्विगु समास
  4. तत्पुरुष समास
  5. बहुव्रीहि समास
  6. कर्मधारय समास (तत्पुरुष का उपप्रकार)







🟦 1. अव्ययीभाव समास




परिभाषा:



जिस समास में पहला पद अव्यय (जैसे: उपरि, अधः, पुनः, सदैव, आदि) हो और पूरा समास अव्यय की तरह प्रयोग हो, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं।



सूत्र:



अव्यय + संज्ञा/क्रिया = एक अव्यय अर्थ वाला पद



अर्थ:



जैसा का तैसा या मिलाकर एक अव्यय अर्थ।



✔ 20 उदाहरण – अव्ययीभाव समास



  1. उपरि + उक्त = उपर्युक्त
  2. पुनः + जन्म = पुनर्जन्म
  3. यथा + शक्ति = यथाशक्ति
  4. यथा + समय = यथासमय
  5. यथा + योग्य = यथायोग्य
  6. यथा + सिद्ध = यथासिद्ध
  7. एक + साथ = एकसाथ
  8. इसी + कारण = इसीकारण
  9. प्रति + दिन = प्रतिदिन
  10. प्रति + वर्ष = प्रतिवर्ष
  11. प्रति + व्यक्ति = प्रतिव्यक्ति
  12. सदैव + भाव = सदैवभाव
  13. उप + रात्रि = उपरात्रि
  14. अर्ध + रात = अर्धरात्रि
  15. अति + शीघ्र = अतिशीघ्र
  16. पर + लोक = परलोक
  17. अप + समय = अपसमय
  18. सह + अस्तित्व = सहअस्तित्व
  19. निशा + दीन = निशादिन
  20. यथार्थ + रूप = यथार्थरूप







🟦 2. द्वंद्व समास




परिभाषा:



जब दो शब्दों का योग बराबरी का होता है और दोनों का महत्व समान हो, तो द्वंद्व समास बनता है।

➡️ कई बार ‘और’ का अर्थ निकलता है।



✔ 20 उदाहरण – द्वंद्व समास



  1. माता + पिता = मातापिता
  2. राम + लक्ष्मण = रामलक्ष्मण
  3. सूरज + चाँद = सूर्यचंद्र
  4. रोटी + कपड़ा = रोटी-कपड़ा
  5. सुख + दुःख = सुखदुःख
  6. दिन + रात = दिनरात
  7. आशा + निराशा = आशानिराशा
  8. छात्र + शिक्षक = छात्र-शिक्षक
  9. राष्ट्र + समाज = राष्ट्रसमाज
  10. हर्ष + शोक = हर्षशोक
  11. जन + गण = जनगण
  12. भरण + पोषण = भरण-पोषण
  13. जीवन + मृत्यु = जीवन-मृत्यु
  14. हाथ + पैर = हाथपैर
  15. गुरु + शिष्य = गुरुशिष्य
  16. तिथि + वार = तिथि-वार
  17. पानी + हवा = पानीहवा
  18. राजा + प्रजा = राजा-प्रजा
  19. पति + पत्नी = पतिपत्नी
  20. भाई + बहन = भाईबहन







🟦 3. द्विगु समास




परिभाषा:



संख्यावाचक शब्द + संज्ञा

➡️ इसमें पहला पद संख्या ठहरता है।



✔ 20 उदाहरण – द्विगु समास



  1. एक + जीवन = एकजीवन
  2. दो + हाथ = दोहाथ
  3. तीन + लोक = तीनोंलोक
  4. चार + दिशा = चौदिश
  5. पंच + लोक = पंचलोक
  6. सप्त + ऋषि = सप्तऋषि
  7. द्वि + पाद = द्विपाद
  8. द्वि + द्वार = द्विद्वार
  9. त्रि + लोक = त्रिलोक
  10. त्रि + तत्त्व = त्रितत्त्व
  11. द्वि + रंग = द्विरंग
  12. द्वि + फल = द्विफल
  13. द्वि + भुज = द्विभुज
  14. द्वि + गुण = द्विगुण
  15. त्रि + वेद = त्रिवेद
  16. त्रि + राष्ट्र = त्रिराष्ट्र
  17. चार + पुरुष = चतुष्पुरुष
  18. एक + नय = एकनय
  19. द्वि + शब्द = द्विशब्द
  20. पंच + देव = पंचदेव







🟦 4. तत्पुरुष समास




परिभाषा:



जिसमें एक पद (पहला या दूसरा) प्रधान नहीं होता, पर समग्र अर्थ मुख्य होता है।

➡️ उत्तरपद प्रधान (दूसरा शब्द सबसे मुख्य)।

➡️ वाक्य में के / की / का / पर / से / में का अर्थ निहित होता है।



इसके 6 प्रमुख भेद:



  1. कर्मधारय
  2. द्वितीया तत्पुरुष
  3. तृतीया तत्पुरुष
  4. चतुर्थी तत्पुरुष
  5. पंचमी तत्पुरुष
  6. षष्ठी तत्पुरुष






⭐ (A) कर्मधारय समास



परिभाषा:

दोनों पद एक-दूसरे का विशेषण + संज्ञा होते हैं।



✔ 20 उदाहरण – कर्मधारय



  1. सु + पुत्र = सुपुत्र
  2. महा + पुरुष = महापुरुष
  3. राज + मार्ग = राजमार्ग
  4. सुंदर + लड़की = सुंदरलड़की
  5. नील + कमल = नीलकमल
  6. लंबा + आदमी = लंबाआदमी
  7. दीन + गरीब = दीनगरीब
  8. उत्तम + छात्र = उत्तमछात्र
  9. नीच + कर्म = नीचकर्म
  10. चतुर + बालक = चतुरबालक
  11. लघु + कथा = लघुकथा
  12. बुरा + समय = बुरासमय
  13. कृष्ण + पक्ष = कृष्णपक्ष
  14. शुक्ल + पक्ष = शुक्लपक्ष
  15. पाप + कर्म = पापकर्म
  16. मधुर + वाणी = मधुरवाणी
  17. कठिन + प्रसंग = कठिनप्रसंग
  18. सत्य + वचन = सत्यवचन
  19. महान + भारत = महानभारत
  20. श्वेत + धवल = श्वेतधवल






⭐ (B) द्वितीया तत्पुरुष



क्रिया + कर्म

如: खाना + अन्न → अन्न खाना



✔ 20 उदाहरण – द्वितीया तत्पुरुष



  1. जल + पान = जलपान
  2. अन्न + भक्षण = अन्नभक्षण
  3. फल + सेवन = फलसेवन
  4. न्याय + पालन = न्यायपालन
  5. कर्तव्य + पालन = कर्तव्यपालन
  6. आदेश + पालन = आदेशपालन
  7. अनुशासन + पालन = अनुशासनपालन
  8. वचन + पालन = वचनपालन
  9. धर्म + पालन = धर्मपालन
  10. सागर + स्नान = सागरस्नान
  11. नदी + स्नान = नदीस्नान
  12. उपवास + सेवन = उपवासीसेवन
  13. दूध + पान = दूधपान
  14. जल + सेवन = जलंसेवन
  15. वेद + पाठ = वेदपाठ
  16. कथा + श्रवण = कथाश्रवण
  17. मंत्र + जाप = मंत्रजाप
  18. पुस्तक + पठन = पुस्तकपठन
  19. गीत + गान = गीतगान
  20. भजन + कीर्तन = भजनकीर्तन






⭐ (C) तृतीया तत्पुरुष (से / द्वारा)




✔ 20 उदाहरण



  1. हाथ + लिखित = हस्तलिखित
  2. मन + प्रेरित = मनःप्रेरित
  3. माता + प्रेरित = मातृप्रेरित
  4. जल + भरा = जलबरा
  5. दूध + बना = दूधबना
  6. आत्मा + प्रेरित = आत्मप्रेरित
  7. कर्म + जनित = कर्मजनित
  8. हवा + चला = हवाचला
  9. अग्नि + जन्म = अग्निजन्म
  10. सूर्य + उदित = सूर्योदित
  11. जल + उत्थान = जलोत्थान
  12. हिम + आच्छादित = हिमाच्छादित
  13. धूल + मिश्रित = धूलि-मिश्रित
  14. भूमि + स्थ = भूमिष्ठ
  15. जल + यान = जलयान
  16. वायु + यान = वायुप्राण
  17. घड़ी + निर्मित = घडीनिर्मित
  18. हस्त + निर्मित = हस्तनिर्मित
  19. वन + निवास = वननिवास
  20. जल + निवास = जलनिवास






⭐ (D) चतुर्थी तत्पुरुष (के लिए)




✔ 20 उदाहरण



  1. जन + हित = जनहित
  2. राष्ट्र + हित = राष्ट्रहित
  3. समाज + सेवा = समाजसेवा
  4. देश + भक्ति = देशभक्ति
  5. गुरु + सेवा = गुरुसेवा
  6. मानव + कल्याण = मानवकल्याण
  7. जनता + सेवा = जनतासेवा
  8. विद्यार्थी + कल्याण = विद्यार्थीकल्याण
  9. बाल + विकास = बालविकास
  10. स्वास्थ्य + रक्षा = स्वास्थ्यरक्षा
  11. कक्षा + कार्य = कक्षाकर्म
  12. बाल + कल्याण = बालकल्याण
  13. जन + कल्याण = जनकल्याण
  14. देश + सेवा = देशसेवा
  15. गो + रक्षा = गोरक्षा
  16. नारी + सुरक्षा = नारीसुरक्षा
  17. परिवार + कल्याण = परिवारकल्याण
  18. जनता + भलाई = जनताभलाई
  19. वृद्ध + सेवा = वृद्धसेवा
  20. समाज + रक्षा = समाजरक्षा






⭐ (E) पंचमी तत्पुरुष (से / द्वारा)




✔ 20 उदाहरण



  1. जल + रहित = जलरहित
  2. धन + रहित = धनरहित
  3. गृह + रहित = गृहहीन
  4. भय + रहित = निर्भय
  5. सुख + रहित = दु:सुखहीन
  6. आशा + रहित = निराश
  7. उत्साह + रहित = निरुत्साह
  8. नींद + रहित = अनिंद्रा
  9. जल + रहित = निर्जल
  10. बुद्धि + रहित = निर्बुद्धि
  11. स्वार्थ + रहित = निःस्वार्थ
  12. पाप + रहित = निष्पाप
  13. रोग + रहित = निरोध
  14. शक्ति + रहित = निर्बल
  15. धर्म + रहित = निधर्म
  16. दोष + रहित = निर्दोष
  17. भय + रहित = अभय
  18. धन + रहित = निर्धन
  19. जल + हीन = जलहीन
  20. रंग + हीन = निर्वर्ण






⭐ (F) षष्ठी तत्पुरुष (का / की / के)




✔ 20 उदाहरण



  1. राम + चरित = रामचरित
  2. सीता + हरण = सीताहरण
  3. राजा + पुत्र = राजपुत्र
  4. पिता + घर = पितृगृह
  5. गुरु + आज्ञा = गुरुपज्ञा
  6. देव + पूजा = देवपूजा
  7. धनुष + बाण = धनुषबाण
  8. अग्नि + पुत्र = अग्निपुत्र
  9. कण + भंग = कणभंग
  10. राजा + महल = राजमहल
  11. बांधी + बेटी = बंधुबेटी
  12. मित्र + हित = मित्रहित
  13. मानव + जाति = मानवजाति
  14. पृथ्वी + नाथ = पृथ्वीनाथ
  15. सूर्य + उदय = सूर्योदय
  16. चंद्र + किरण = चंद्रकिरण
  17. वायु + पुत्र = वायुपुत्र
  18. देव + पुत्र = देवपुत्र
  19. राजा + सेना = राजसेना
  20. मन + परिवर्तन = मनपरिवर्तन







🟦 5. बहुव्रीहि समास




परिभाषा:



जिस समास में बना हुआ पद किसी तीसरे व्यक्ति / वस्तु पर लागू हो, उसे बहुव्रीहि कहते हैं।

➡️ अर्थ: जिसके पास फल/गुण हो

➡️ मुख्य पहचान: अर्थ किसी तीसरे पर जाए।



✔ 20 उदाहरण – बहुव्रीहि समास



  1. नील + कमल = नीलकमल (जिसकी आँखें नीले कमल जैसी हों)
  2. चंद्र + मुख = चंद्रमुख (जिसका मुख चंद्र जैसा हो)
  3. लंब + बाहु = लंबाबाहु (जिसकी बाँहें लंबी हों)
  4. दीन + बंधु = दीनबंधु (जो दीनों का बंधु हो)
  5. बहु + पुत्र = बहुपुत्र (जिसके बहुत पुत्र हों)
  6. बहु + धान = बहुधान (जिसके पास बहुत धान हो)
  7. महा + बल = महाबली (जिसके पास महान बल हो)
  8. चतु + चक्र = चतुरचक्र (चार चक्कों वाला)
  9. त्रि + नेत्र = त्रिनेत्र (तीन आँखों वाला)
  10. सु + दंत = सुदंती (सुंदर दाँत वाला)
  11. सु + गंध = सुगंध (सुंदर गंध वाला)
  12. दु + गंध = दुर्गंध (खराब गंध वाला)
  13. बहु + जल = बहुजल (जिसमें जल अधिक हो)
  14. बहु + लेख = बहुलेख (अधिक लेखों वाला)
  15. गो + पद = गोपद (गाय के चरण वाला)
  16. गो + मुख = गोमुख (गाय सा मुख वाला)
  17. त्रि + भुवन = त्रिभुवन (तीन लोक वाला)
  18. उष्ण + जल = उष्णजल (गर्म पानी वाला)
  19. अति + मान = अतिमानी (जो अत्यधिक मान रखता हो)
  20. दुर्बल + हस्त = दुर्बलहस्त (जिसका हाथ कमजोर हो)



🟦 6. बहुव्रीहि समास (बहुव्रीहि Samas)




⭐ परिभाषा:



जब दो शब्द मिलकर एक ऐसा नया शब्द बनाते हैं, जिसका अर्थ उन दोनों पर न जाकर किसी तीसरे व्यक्ति, वस्तु या स्थान पर लागू हो, तो उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं।


📌 Main Identity:

➡ समस्त पद = किसी तीसरे के लिए

➡ अंदर छिपा अर्थ = “जिसके पास यह गुण हो”



✔ सूत्र:



विशेषण + संज्ञा = बहुव्रीहि (Meaning third person/object पर लागू होता है)





⭐ ➤ बहुव्रीहि समास के महत्वपूर्ण बिंदु



✔ अर्थ सीधे शब्दों पर नहीं जाता — किसी तीसरे पर जाता है

✔ प्रायः गुण, दोष, संख्या, रूप से जुड़े अर्थ

✔ अंत में “वाला / वाली / जिसके पास…” का भाव

✔ विशेषण + संज्ञा संयोजन





🟩 बहुव्रीहि समास — 20 नए उदाहरण



नीचे दिए गए सभी उदाहरण पहले वाली सूची से अलग और नए हैं:


  1. श्यामलोचन – जिसके नेत्र श्याम (काले) हों
  2. पीताम्बर – जो पीले वस्त्र पहने
  3. बहुभाषी – जो बहुत भाषाएँ जानता हो
  4. दुर्बुद्धि – जिसकी बुद्धि खराब हो
  5. नित्यसुखी – जो हमेशा खुश रहता हो
  6. बहुरंगी – जिसमें अनेक रंग हों
  7. नीलकण्ठ – जिसका कंठ नीला हो (शिव)
  8. त्रिकालदर्शी – जो तीन काल (भूत, वर्तमान, भविष्य) देख सके
  9. सुपुत्र – जिसका पुत्र अच्छा हो
  10. दुःशील – जिसका स्वभाव खराब हो
  11. बहुशक्तिमान – जिसके पास बहुत शक्ति हो
  12. दुर्लभधन – जिसका धन बहुत कठिनता से मिलता हो
  13. बहुजनप्रिय – जो बहुत लोगों का प्रिय हो
  14. बहुसंख्यक – जिनकी संख्या अधिक हो (जैसे – बहुसंख्यक समुदाय)
  15. चतुर्वेदी – जो चारों वेद जानता हो
  16. नवदंपती – नई शादी वाला जोड़ा
  17. श्रेष्ठगुणी – जिसके गुण उत्कृष्ट हों
  18. दुर्मुख – जिसका मुख खराब/भद्दा हो
  19. विषधर – जिसके पास विष हो (जैसे साँप)
  20. सुवर्णकाय – जिसका शरीर स्वर्ण जैसा हो



⭐ बहुव्रीहि समास की पहचान (Exam Tips)

पहचान

कैसे पहचानें?

उदाहरण

अर्थ तीसरे पर जाए

समास के दोनों शब्दों के अर्थ मिलाकर किसी तीसरे व्यक्ति/वस्तु पर लागू हों

नीलकंठ = शिव

‘वाला/वाली’ का भाव

जिसके पास यह गुण हो

त्रिनेत्र = तीन आँखों वाला

गुण + संज्ञा

पहले शब्द गुण / संख्या / निशानी

बहु + पुत्र = बहुपुत्र (जिसके बहुत पुत्र हों)

विशेषण प्रधान

दोनों शब्द विशेषण बनते हैं

पीताम्बर = पीले वस्त्र वाला


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